अमरिंदर सिंह ने राजनीतिक आयोजनों पर रोक लगाने का दिया आदेश, अब पूरे पंजाब में रहेगा नाइट कर्फ्यू

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 07, 2021

चंडीगढ़। कोविड-19 संबंधी सुरक्षा नियमों का पालन किये बगैर ही रैलियों में भाग लेने के ‘गैर जिम्मेदाराना’ आचरण को लेकर दिल्ली के अपने समकक्ष अरविंद केजरीवाल और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता सुखबीर सिंह बादल की आलोचना करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बुधवार को रात के कर्फ्यू का पूरे राज्य में विस्तार करने की घोषणा की और राजनीतिक आयोजनों पर रोक लगाने का आदेश दिया। सिंह ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक आयोजनों पर रोक का जो भी उल्लंघन करेगा, भले ही वह नेता ही क्यों न हो, उस पर आपदा प्रबंधन अधिनियम और महामारी रोग अधनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक का रात्रिकालीन कर्फ्यू अब सभी 22 जिलों में लागू रहेगा। इसे अभी तक 12 जिलों में ही लगाया लगाया था। उन्होंने पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता को रात्रिकर्फ्यू का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। नयी पाबंदियों के तहत बंद जगह में अंतिम संस्कार या शादियों में बस 50 तथा खुली जगह में ऐसे अवसरों में बस 100 अतिथियों की अनुमति होगी। 

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एक सरकारी बयान के अनुसार कार्यालयों में सभी कर्मियों के लिए मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस बयान में नयी पाबंदियों का ब्योरा है जिन्हें राज्य में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर लगाया गया है। नयी पाबंदियों और पुरानी पाबंदियां 30 अप्रैल तक प्रभाव में रहेंगी। पुरानी पाबंदियों के तहत विद्यालय एवं शिक्षण संस्थान बंद किए गए थे। नयी पाबंदियों के तहत मॉलों मे दुकानदारों को कुछ राहत दी गयी है, क्योंकि मुख्यमंत्री ने एक समय पर एक दुकान में अधिकतम 10 व्यक्तियों के प्रवेश की अनुमति दी है , पहले एक समय पर पूरे मॉल में 100 से अधिक व्यक्तियों के जाने की मनाही थी। बयान के अनुसार नये निर्देश के अनुसार अब एक समय पर एक मॉल , जहां 20 दुकानें हैं, में 200 लोगों को जाने दिया जाएगा।

राज्य में मंगलवार को 62 लोगों की कोरोना वायरस से मौत हो गयी जबिक 2924 नये मामले सामने आये। राज्य में इस महामारी के मामले 2,57,057 हो गये। मुख्यमंत्री ने कोविड-19 स्थिति पर समीक्षा बैठक में उच्च संक्रमण दर एवं मृत्यु दर पर चिंता प्रकट की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर नियंत्रण के लिए के इन कड़े उपायों के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं था। उन्होंने पुलिस एवं जिला प्रशासन को राजनीतिक आयोजनों को लेकर नेताओं, आयोजकों एवं भागीदारों के अलावा ऐसे कार्यक्रमों के वास्ते बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने वाले टेंट मालिकों, आयोजन स्थल के मालिकों पर भी मामला दर्ज करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि 30 अप्रैल तक किसी भी सामाजिक, सांस्कृतिक एवं खेलकूद आयोजन एवं अन्य संबंधी आयोजन पर रोक रहेगी।

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