By Ankit Jaiswal | Oct 02, 2026
नाइकी के शेयरों में गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद कारोबार के दौरान करीब 8.5% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी के कमजोर तिमाही नतीजों और अगले वित्त वर्ष के लिए उम्मीद से खराब बिक्री अनुमान के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ी है। नाइकी ने कारोबार को फिर से मजबूत करने के लिए अगले 5 वर्षों में 2.5 अरब डॉलर की बचत करने वाली योजना भी पेश की है।
कंपनी ने 31 अगस्त को समाप्त वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 11.2 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 4% कम है। यह आंकड़ा बाजार के अनुमान से भी नीचे रहा है। इस दौरान कंपनी का मुनाफा 2% घटकर 712 मिलियन डॉलर रह गया है।
सबसे बड़ी चिंता अगले वित्त वर्ष को लेकर कंपनी के अनुमान से पैदा हुई है। नाइकी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 में उसका राजस्व हाई सिंगल डिजिट के प्रतिशत तक घट सकता है। बाजार के जानकारों ने इससे पहले करीब 2.4% की गिरावट का अनुमान लगाया था। इस अनुमान के सही साबित होने पर कंपनी की सालाना बिक्री मई 2020 में समाप्त वित्त वर्ष के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच सकती है।
बता दें कि नाइकी के कारोबार पर चीन में कमजोर बिक्री का खासा असर पड़ा है। चीन में कंपनी की बिक्री लगातार 9 तिमाहियों से गिर रही है। स्थानीय कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और घरेलू ब्रांडों की तरफ ग्राहकों के बढ़ते रुझान को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है। कंपनी चीन में कुछ प्रचार गतिविधियां कम करने और तीसरे पक्ष की वेबसाइटों पर अपनी मौजूदगी घटाने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।
नाइकी के खेल और फैशन से जुड़े कारोबार पर भी दबाव बना हुआ है। कंपनी के स्पोर्ट्सवियर कारोबार की बिक्री पिछली तिमाही में दहाई अंक के निचले स्तर तक गिरी है। यह कारोबार कंपनी की कुल आय का करीब आधा हिस्सा रखता है। वहीं जॉर्डन ब्रांड की बिक्री भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। इसी वजह से कंपनी ने पुराने लोकप्रिय उत्पादों को बाजार में उतारने की संख्या और अंतराल को कम करने का फैसला किया है।
गौरतलब है कि कॉनवर्स की बिक्री में भी लगातार 14वीं तिमाही गिरावट दर्ज की गई है। इससे साफ है कि समस्या केवल किसी एक क्षेत्र या ब्रांड तक सीमित नहीं है।
नाइकी अब अपने कारोबार के ढांचे में भी बदलाव करने जा रही है। कंपनी अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों को मिलाकर कामकाज को सरल बनाएगी। ग्रेटर चाइना को एशिया प्रशांत क्षेत्र के साथ जोड़ा जाएगा, जबकि लैटिन अमेरिका को उत्तरी अमेरिका के साथ रखा जाएगा।
कंपनी का अनुमान है कि इस पुनर्गठन से 5 वर्षों में 2.5 अरब डॉलर की बचत होगी। हालांकि, इसके लिए करीब 1 अरब डॉलर का कर-पूर्व खर्च भी उठाना पड़ेगा। इलियट हिल ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में कहा है कि इस प्रक्रिया के कारण नाइकी में नौकरियों की संख्या कम होगी। प्रभावित पदों को लेकर फैसले 2027 में शुरू होने हैं, लेकिन अभी यह नहीं बताया गया है कि कितनी नौकरियां जाएंगी।
निवेशकों की चिंता शेयर बाजार में साफ दिखाई दे रही है। नाइकी के शेयरों में इस साल 40% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है और कंपनी के उच्चतम स्तर से बाजार मूल्य में करीब 230 अरब डॉलर की कमी आई है। बाजार विशेषज्ञों ने कंपनी के नए अनुमान को कमजोर बताया है और कहा है कि बार-बार घटते अनुमान से निवेशकों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।
अब नाइकी अगले महीने होने वाले निवेशक दिवस पर अपनी लागत घटाने की योजना और भविष्य की रणनीति पर ज्यादा जानकारी देने वाली है। इसी दौरान यह भी साफ हो सकता है कि कंपनी अपनी मौजूदा मुश्किलों से निकलने के लिए आगे किस दिशा में बढ़ने वाली है।