By एकता | Oct 14, 2026
ब्रिटेन में एक सरकारी कर्मचारी पर एक ही समय में कम से कम पांच फुल टाइम सरकारी नौकरियां करने का आरोप लगा है। काशिम चौधरी ने घर से काम करने की सुविधा का फायदा उठाया और अलग-अलग जगहों पर नौकरी करने के लिए कथित तौर पर बीमारी के फर्जी सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया। यह बात अदालत में सुनवाई के दौरान सामने आई।
सरकारी वकीलों ने मंगलवार को साउथवार्क क्राउन कोर्ट में बताया कि मई 2023 में चौधरी को एक साथ पांच फुल टाइम नौकरियों के लिए पैसे मिल रहे थे। अदालत को बताया गया कि एक समय चौधरी पांच नौकरियों में हर हफ्ते कुल 183 घंटे काम करने के लिए रखे गए थे। जबकि एक हफ्ते में कुल 168 घंटे ही होते हैं। फरवरी 2020 से सितंबर 2023 के बीच उन्होंने कथित तौर पर आठ जगहों से करीब 3.5 लाख पाउंड कमाए।
चौधरी ने फरवरी 2020 में टावर हैमलेट्स काउंसिल में काम शुरू किया। इसके बाद अप्रैल 2021 में उन्होंने पर्यावरण, खाद्य और ग्रामीण मामलों के विभाग में दूसरी नौकरी शुरू कर ली। अदालत को बताया गया कि उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक दोनों नौकरियां साथ कीं।
2022 में उन्होंने ईस्ट लंदन एनएचएस ट्रस्ट में भी चार महीने तक काम किया। बाद में उन्होंने काउंसिल की नौकरी छोड़ दी, लेकिन पर्यावरण, खाद्य और ग्रामीण मामलों के विभाग में काम करते रहे। इसके साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य और सामाजिक देखभाल विभाग, ब्रिटेन स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी, व्यापार और उद्योग विभाग, खाद्य मानक एजेंसी और गृह कार्यालय में भी अलग-अलग नौकरियां कीं।
सरकारी वकीलों का आरोप है कि चौधरी एक साथ कई नौकरियां करते रहे और नई नौकरी पाने के लिए अपनी दूसरी नौकरियों के बारे में कंपनियों और संस्थाओं को सही जानकारी नहीं दी।
सरकारी वकील लूसी ऑर्गन ने अदालत को बताया कि कई नौकरियां एक साथ संभालने के लिए चौधरी ने कुछ जगहों पर बीमारी की छुट्टी का इस्तेमाल किया। आरोप है कि उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू हुई घर से काम करने की सुविधा का फायदा उठाया और बाद में भी इसका इस्तेमाल करते रहे।
अदालत को बताया गया कि 55 साल के चौधरी ने “चिंता और डिप्रेशन की परेशानी” होने की बात कही थी। हालांकि, उन्होंने सभी जगहों पर बीमारी का सर्टिफिकेट नहीं दिया।
चौधरी ने अपने कुछ नियोक्ताओं से यह भी कहा कि उन्हें अपनी “बीमार” मां की देखभाल के लिए घर से काम करना जरूरी है। लेकिन अदालत में बताया गया कि आखिरकार उनका काम इतना ज्यादा हो गया कि उनके लिए सब कुछ संभालना मुश्किल हो गया। इसके बाद उन्होंने कुछ नौकरियों से बीमारी की छुट्टी ले ली।
मई 2023 में ब्रिटेन स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी में उनकी मैनेजर अलीशा एडम्स ने उनकी लगातार गैरहाजिरी को लेकर उनसे वीडियो कॉल पर बात करने का फैसला किया।
अदालत को एडम्स ने बताया कि चौधरी ने खुद को बीमार दिखाने के लिए चेहरे पर मेकअप लगाया हुआ था। वीडियो कॉल के दौरान उनके माथे पर लगा मेकअप हटने लगा और नीचे उनकी असली त्वचा दिखाई देने लगी।
एडम्स ने यह भी देखा कि उनके चेहरे और गर्दन का रंग अलग-अलग दिख रहा था।
सरकारी वकील लूसी ऑर्गन ने कहा, “इसमें कोई शक नहीं था कि आरोपी ने अपने चेहरे पर मेकअप लगाया था, ताकि वीडियो कॉल में अपने मैनेजर को यह दिखा सके कि वह बीमार है।” उन्होंने कहा कि यह घटना बताती है कि चौधरी अपने कथित झूठ को साबित करने के लिए किस हद तक जाने को तैयार थे।
सरकारी वकील ने जूरी को बताया कि चौधरी से एक और गलती हुई। उन्होंने इस वीडियो बैठक में पर्यावरण, खाद्य और ग्रामीण मामलों के विभाग वाले अपने ईमेल पते से प्रवेश किया था। जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि शायद वह उनका कोई पुराना ईमेल पता था। काशिम चौधरी ने धोखाधड़ी के नौ आरोपों से इनकार किया है। मामले की सुनवाई अभी जारी है।