Global Fintech Fest में बोलीं Nirmala Sitharaman: AI से लोकतंत्र और Financial System को खतरा

By Ankit Jaiswal | Sep 11, 2026

तकनीक की दुनिया में एआई तेजी से बदलाव ला रही है, लेकिन इसके साथ खतरे भी बढ़ रहे हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि एआई एक ऐसी दोधारी तलवार है, जिसका इस्तेमाल धोखाधड़ी पकड़ने के साथ-साथ धोखाधड़ी करने में भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि तकनीकी विकास का मकसद व्यवस्था को अधिक सक्षम बनाना होना चाहिए, न कि नए जोखिम पैदा करना।

वित्त मंत्री ने एक ऐसे एआई मॉडल का जिक्र किया, जो लोगों को बिना उनकी जानकारी के प्रभावित करने में सक्षम हो सकता है। उनके मुताबिक, किसी व्यक्ति की राय बदलने की प्रक्रिया इतनी सूक्ष्म हो सकती है कि उसे खुद इसका अहसास भी न हो। यह स्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था और सार्वजनिक जीवन के लिए गंभीर चिंता का विषय बन सकती है।

गौरतलब है कि निर्मला सीतारमण ने भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से एक दिन पहले लिए गए फैसले का भी स्वागत किया। 10 सितंबर को भारतीय रिजर्व बैंक ने यूनिफाइड फिनटेक फोरम को वित्तीय तकनीकी क्षेत्र के लिए स्वनियामक संगठन के रूप में मान्यता दी। यह मान्यता स्वनियामक संगठन-वित्तीय तकनीकी व्यवस्था के तहत दी गई है। वित्त मंत्री ने इसे बदलते वित्तीय तकनीकी क्षेत्र की जरूरतों के प्रति केंद्रीय बैंक की प्रतिक्रिया बताया।

उन्होंने कहा कि तकनीकी क्षेत्र के लिए नियम बनाते समय नवाचार और सुरक्षा के बीच संतुलन जरूरी है। उनके मुताबिक, अत्यधिक सख्त नियम नई तकनीकों के विकास को रोक सकते हैं, जबकि बिना पर्याप्त निगरानी के तेजी से बढ़ती तकनीक नई कमजोरियां पैदा कर सकती है। इसी वजह से उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक के साथ हल्के और लचीले नियमन की जरूरत पर चर्चा की है।

वित्त मंत्री ने केंद्रीय बैंक से डिजिटल मुद्रा की थोक और खुदरा स्तर की परीक्षण व्यवस्था को भी आगे बढ़ाने का आग्रह किया। भारत में डिजिटल भुगतान के बढ़ते इस्तेमाल के बीच केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा को भविष्य की वित्तीय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

बता दें कि कार्यक्रम में निर्मला सीतारमण ने भारत की युवा आबादी को देश की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने उन आशंकाओं को खारिज किया, जिनमें भारत के डेमोग्राफिक डिविडेंड को लेकर सवाल उठाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि देश के युवा भविष्य के निर्माण में पहले ही सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि युवा भारतीय नई तकनीक तैयार करने, कंपनियां खड़ी करने और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। उनके अनुसार, भारत की डिजिटल सार्वजनिक व्यवस्था, अरबों लेनदेन करने वाली यूपीआई, तेज आर्थिक वृद्धि और अंतरिक्ष क्षेत्र में हो रही प्रगति इस क्षमता के उदाहरण हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार, ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में करीब 8,000 संगठनों ने हिस्सा लिया। इनमें वित्तीय तकनीकी कंपनियों की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत, वित्तीय संस्थानों की 25 प्रतिशत, तकनीक से जुड़ी संस्थाओं की 43 प्रतिशत और सहायता सेवाओं की 12 प्रतिशत रही।

निर्मला सीतारमण के बयान से साफ है कि भारत तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने के साथ उसके दुरुपयोग और साइबर जोखिमों पर भी नजर रखना चाहता है। एआई के बढ़ते इस्तेमाल के बीच सुरक्षा, भरोसा और जिम्मेदार नियमन अब वित्तीय क्षेत्र के साथ पूरे समाज के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।

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