पैरालिंपिक रजत पदक विजेता निषाद को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने सम्मानित किया

By विजयेन्दर शर्मा | Sep 06, 2021

 शिमला ।  राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज राजभवन में टोक्यो पैरालिंपिक में भारत को ऊंची कूद में रजत पदक दिलाने वाले ऊना जिले के निषाद कुमार को सम्मानित किया। इस अवसर पर निषाद के माता-पिता, कोच और बहन भी उपस्थित थी।

इसे भी पढ़ें: पैरालिंपिक सिल्वर मैडल विजेता निषाद कुमार ने कोच नसीम अहमद के साथ मुख्यमंत्री से भेंट की

राज्यपाल ने कहा कि आज का युवा बंद कमरे में केवल मोबाइल व इलैक्ट्रानिक गैजेट तक ही सीमित होकर रह गया है। ऐसे में निषाद की उपलब्धि उनमें नई प्रेरणा का संचार करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्पोर्टस स्कूल आरम्भ करने की आवश्यकता है क्योंकि यहां की भौगोलिक परिस्थितियां आत्मिक बल वाले अच्छे खिलाड़ी पैदा करने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने कहा कि खेल का वातावरण होने से खेल भावना स्वतः जागृत हो जाती है। इसलिए हमें मिलकर सकारात्मक माहौल बनाना चाहिए। उन्होंने आशा व्यक्त की कि निषाद अगले वर्ष होने वाले एशियाई खेलों में भी भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर लाएंगे। निषाद ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उन्हें जो सम्मान दिया है उससे उनमें नई ऊर्जा का संचार होगा।

इसे भी पढ़ें: मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की 79 करोड़ रूपये की विकासात्मक परियोजनाओं के किए लोकार्पण एवं शिलान्यास

निषाद के कोच नसीम अहमद ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और हमें केवल प्रतिभाओं की खोज करने की आवश्यकता है। निषाद के पिता रशपाल सिंह और माता पुष्पा देवी ने बेटे की उपलब्धि पर खुशी जताई। बहन रमा देवी और भाई पंकज कौंडल ने कहा कि उनका भाई हमेशा से काफी मेहनती रहा है और उन्हें पूरा भरोसा था कि वे पदक जीतकर आएगा इस अवसर पर नेहरू युवा केंद्र के राज्य निदेशक सैमसन मसीह भी उपस्थित थे। इसके पश्चात निषाद ने राजभवन के धरोहर भवन का अवलोकन किया।

प्रमुख खबरें

Supriya Sule और मैं देश की चिंता कर लेंगे, आप स्वास्थ्य पर ध्यान दें, पवार को मोदी के फोन से मची राजनीतिक हलचल

Delhi Building Collapse: दिवाली की खरीदारी के बीच दिल्ली के चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन 3 मंजिला बिल्डिंग ढही, 2 की मौत, कई लोगों के फंसे होने की आशंका

VISTAR योजना से डेटा तंत्र होगा मजबूत, Pramod Sawant ने किया स्वागत

Prabhasakshi NewsRoom: Agnipath Scheme में हुए बदलाव का Uttar Pradesh, Punjab, Uttarakhand Assembly Elections पर क्या असर पड़ेगा?