नीतीश ने मुस्लिम वोटरों को तो अपने पक्ष में किया ही मोदी को भी राहत दे दी

By डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Feb 28, 2020

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐसा काम कर दिखाया है, जो उन्हें नेताओं का नेता बना देता है। पिछले कुछ दिनों से उनकी छवि गठबंधन-बदलू नेता की बन रही थी लेकिन उन्होंने बिहार की विधानसभा से राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के खिलाफ प्रस्ताव पारित करवा कर एक चमत्कार-सा कर दिया है। वह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ है याने भाजपा के विधायकों ने भी नागरिकता रजिस्टर को रद्द कर दिया है। यह वही नागरिकता रजिस्टर है, जिसके कारण दिल्ली में दंगे हो रहे हैं, सारे देश में सैंकड़ों शाहीन बाग उग आए हैं और सारी दुनिया में भारत की छवि गारत हो रही है। इसी रजिस्टर के प्रस्ताव ने सारे देश में गलतफहमी का अंबार खड़ा कर दिया है।

मुसलमान यह मानकर चल रहे हैं कि यह हिंदुत्ववादी मोदी सरकार मुसलमानों को छांट-छांटकर देश-निकाला दे देगी। यह धारणा बिल्कुल निराधार है लेकिन राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के तहत नागरिकों से जो सवाल पूछे जाने हैं, उन्होंने इस गलतफहमी को मजबूत कर दिया है। संसद में गृहमंत्री के बयानों और संसद के बाहर दिए गए भाजपा नेताओं के उकसाऊ भाषणों ने इस गलतफहमी को अंधविश्वास में बदल दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस आश्वासन के बावजूद कि राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर जैसी किसी योजना पर सरकार ने विचार ही नहीं किया है, सारे देश में गड़बड़झाला मचा हुआ है। इसी के कारण पड़ोसी मुस्लिम देशों के शरणार्थियों का कानून भी घृणा का पात्र बन गया है। यह गलतफहमी दूर हो और देश का माहौल बदले, इसके लिए मैं बराबर सुझाव देता रहा हूं लेकिन प्रधानमंत्री की मजबूरी मैं समझता हूं।

इसे भी पढ़ें: केजरीवाल ने प्रधानमंत्री का आशीर्वाद मांगा, उम्मीद है इस बार मिलकर काम करेंगे

खुशी की बात है कि नीतीश ने मोदी को इस अंधी गली से बाहर निकाल लिया है। बिहार विधानसभा ने जो प्रस्ताव पारित किया है, उसमें 2014 में बने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) की तर्ज पर ही बिहार में अब 2020 में जनगणना होगी। यही प्रस्ताव अब चाहें तो देश की सभी विधानसभाएं पारित कर सकती हैं। इस प्रस्ताव के द्वारा बिहार के 17 प्रतिशत मुसलमानों के वोट नीतीश ने अपनी जेब में डाल लिए हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चाहें तो दिल्ली में बिहार दोहरा सकते हैं। उन्होंने चुनाव में जो सावधानी दिखाई, यह उसका अगला रूप है। जहां तक पड़ोसी शरणार्थियों का सवाल है, उस कानून में भी संशोधन की मांग नीतीश करते तो बेहतर होता। जैसे नीतीश ने मोदी को नया रास्ता दिखाया, मैं सोचता हूं कि सर्वोच्च न्यायालय भी मोदी सरकार को इस दलदल से जरूर बाहर निकाल लेगा।

-डॉ. वेदप्रताप वैदिक

प्रमुख खबरें

तेल ले लूंगा, लेकिन...ईरान को अल्टीमेटम देते-देते ट्रंप ने बताई अपने दिल की बात

ट्रंप के सीजफायर को ईरान की NO, बातचीत के लिए रखी 10 शर्तें

Sanju Samson के Body Language पर भड़के Fans, Chennai की हार के बाद Social Media पर बवाल।

भारतीय बॉक्सर Vishwanath Suresh का पंच, World No.1 को नॉकआउट कर सेमीफाइनल में बनाई जगह