By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 19, 2023
मुजफ्फरपुर के बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के दो अधिकारियों के बैंक खातों से लेन-देन पर रोक लगाने के राज्य प्रशासन के आदेश को राजभवन द्वारा पलट दिये जाने के बाद नीतीश कुमार सरकार राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के साथ टकराव की ओर बढ़ती नजर आ रही है। राज्य के शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुलपति और प्रति-कुलपति के क्षेत्राधिकार के तहत आने वाले शैक्षणिक संस्थानों के निरीक्षण में उनकी कथित नाकामी तथा विभाग द्वारा बुलाई गई एक समीक्षा बैठक में शामिल नहीं होने को लेकर राज्य शिक्षा विभाग ने बृहस्पतिवार को उनका वेतन रोक दिया। इसके एक दिन बाद, राज्यपाल के प्रधान सचिव रॉबर्ट एल चोंगथु ने संबंधित बैंक को पत्र भेजकर विश्वविद्यालय के इन दोनों अधिकारियों के बैंक खातों से लेन-देन पर लगी रोक को तत्काल प्रभाव हटाने का निर्देश दिया।
सत्तारूढ़ गठबंधन के घटक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘राज्य में महागठबंधन सरकार उच्चतर शिक्षा समेत शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की कोशिश कर रही है। राजभवन को निर्वाचित सरकार के कामकाज में दखल नहीं देना चाहिए और उन्हें ऐसे टकरावों से बचना चाहिए।’’ प्रदेश भाजपा प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा,‘‘चूंकि नीतीश कुमार राज्य की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने में बुरी तरह विफल रहे हैं, इलसिए अब वह राज्यपाल के साथ टकराव की स्थिति पैदा कर रहे हैं जबकि राज्यपाल विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होते हैं। मुख्यमंत्री विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की स्वायत्तता की अनदेखी कर रहे हैं।