Population Control पर बोले नीतीश- मर्द लोग रोज-रोज करते ही रहता है, सुशील मोदी ने बताया सड़क छाप बयान

By अंकित सिंह | Jan 09, 2023

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने एक बयान की वजह से सुर्खियों में है। दरअसल, नीतीश कुमार समाधान यात्रा के तहत वैशाली में थे। यहीं पर जनसंख्या नियंत्रण को लेकर एक विवादास्पद बयान नीतीश कुमार ने दे दिया। अब नीतीश कुमार के इसी बयान को भाजपा बड़ा मुद्दा बना चुकी है। इस पर बिहार में राजनीतिक बवाल भी जबरदस्त तरीके से जारी है। नीतीश कुमार के इस बयान पर भाजपा उन पर जबरदस्त तरीके से हमलावर भी है। आज कभी नीतीश कुमार के बेहद करीबी रहे भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने भी उन पर पलटवार किया है। सुशील कुमार मोदी नीतीश कुमार के बयान को सड़क छाप बताया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने कल जैसा बयान दिया ये एक सड़क छाप बयान है। एक CM से ये अपेक्षा नहीं की जाती कि वो सेक्सिस्ट बयान दें। 

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भाजपा नेता ने आगे कहा कि ये ठीक है कि महिलाओं के शिक्षित होने से परिवार नियोजन को बढ़ावा मिलेगा मगर उन्होंने पुरूषों पर जो हल्की टिप्पणी की वो बहुत अपमानजनक है। पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के मुद्दे पर नीतीश कुमार ने जिस तरह से महिलाओं पर सेक्सी कमेंट किया है, वह शर्मनाक है। उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार को लैंगिक भेदभाव और कामुकता से भरा बयान अविलंब वापस लेना चाहिए। भाजपा नेता और बिहार विधान परिषद में नेता विपक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कि कुशासन कुमार ने जिन अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया वह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। ऐसे शब्दों का प्रयोग कर वह मुख्यमंत्री पद की गरिमा को कलंकित कर रहे हैं। 

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वहीं, भाजपा के अमित मालवीय ने कहा कि यह सच है कि शिक्षित महिलाओं का अपने शरीर पर अधिक अधिकार होता है और परिवार नियोजन के मामलों में उनका अधिकार अधिक होता है। लेकिन बतौर सीएम नीतीश कुमार इसे बेहतर तरीके से फ्रेम कर सकते थे। इसका मतलब यह भी होना चाहिए कि जद (यू) सभी समुदायों की महिलाओं के लिए विवाह योग्य आयु में 21 वर्ष की प्रस्तावित वृद्धि का समर्थन करे। दरअसल, नीतीश कुमार प्रजनन दर पर बोल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा कि महिलाएं पढ़ लेंगी, तभी यह आंकड़ा घटेगा। मर्द लोग तो हर दिन करते ही रहते हैं। उन्हें इससे मतलब नहीं होता कि बच्चा पैदा नहीं करना है। पढ़ी-लिखी महिलाएं इस बात को अच्छी तरह समझती है कि यह उन्हें नहीं करना है। महिलाएं पढ़ लिख जाएंगी तो प्रजनन दर घटेगी। हालांकि, जब नीतीश कुमार यह बात कह रहे थे तब वहां महिलाएं भारी संख्या में मौजूद थे। 

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