PM Modi's Address In Israel | 'आतंकवाद पर कोई दोहरा मापदंड नहीं', पीएम मोदी ने इजराइल से किया 'गाजा शांति पहल' का पुरजोर समर्थन

By रेनू तिवारी | Feb 26, 2026

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को इजराइल की संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करते हुए एक नया इतिहास रच दिया। वह इजराइली संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बन गए हैं। अपने ओजस्वी भाषण में पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को दोहराया और गाजा शांति पहल को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एकमात्र मार्ग बताया।

इसे भी पढ़ें: AI summit Protest | शिमला से दिल्ली तक हाई-वोल्टेज ड्रामा! युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर भिड़ीं दो राज्यों की पुलिस, 24 घंटे बाद गतिरोध समाप्त

उन्होंने इस खतरे का मुकाबला करने के लिए निरंतर और समन्वित वैश्विक प्रयासों का आह्वान भी किया। प्रधानमंत्री इजराइल की प्रतिनिधि सभा, नेसेट को संबोधित करने के कई घंटे पहले यहां पहुंचे। बेन गुरियन हवाई अड्डे पर इजराइल के उनके समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने उनका जोरदार स्वागत किया।

मोदी ने कहा, ‘‘मैं सात अक्टूबर (2023) को हमास द्वारा किए गए बर्बर आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति और उस परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिसकी दुनिया इस हमले में बिखर गई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम आपकी पीड़ा को समझते हैं। हम आपके शोक में आपके साथ हैं। भारत इस समय और भविष्य में भी पूरी दृढ़ता के साथ इजराइल के साथ खड़ा है। कोई भी कारण नागरिकों की हत्या को जायज नहीं ठहरा सकता।

इसे भी पढ़ें: India-US Trade में नया तनाव, भारतीय Solar Export पर 126% की भारी-भरकम काउंटरवेलिंग ड्यूटी

आतंकवाद को किसी भी तरह जायज नहीं ठहराया जा सकता।’’ यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का नेसेट में दिया गया पहला भाषण है और इस दौरान मोदी ने आतंकवाद से पूरी ताकत से लड़ने के भारत के दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित किया। इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और कई अन्य वरिष्ठ नेता और सांसद इस दौरान संसद में मौजूद रहे।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने भी लंबे समय तक आतंकवाद का दर्द सहा है। हमें 26/11 मुंबई हमले और उनमें जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों की याद है, जिनमें इजराइली नागरिक भी शामिल थे। आपकी तरह, हमारी भी आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की एक दृढ़ और अटल नीति है और इसमें कोई दोहरा मापदंड नहीं है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवाद का उद्देश्य समाजों को अस्थिर करना, विकास को बाधित करना और विश्वास को कमजोर करना है। आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए सतत और समन्वित वैश्विक कार्रवाई आवश्यक है, क्योंकि चाहे आतंकवाद कहीं हो, यह हर जगह शांति के लिए खतरा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए भारत उन सभी प्रयासों का समर्थन करता है जो स्थायी शांति और क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान देते हैं।’’ प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया की बदलती परिस्थितियों पर भी विस्तार से चर्चा की और कुछ वर्ष पहले इज़राइल के कई देशों के साथ अब्राहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, ‘‘यह लंबे समय से अशांत रहे क्षेत्र के लिए नई उम्मीद का क्षण था। तब से परिस्थितियां काफी बदल गई हैं। राह और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है, फिर भी उस उम्मीद को बनाए रखना जरूरी है।’’

वर्तमान संदर्भ में मोदी ने ‘गाज़ा शांति पहल’ का स्पष्ट समर्थन किया और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अनुमोदित इस योजना को पूरे क्षेत्र के लिए ‘‘न्यायसंगत और स्थाई शांति’’ की दिशा में निर्णायक मार्ग बताया। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अनुमोदित ‘गाज़ा शांति पहल’ एक मार्ग प्रदान करती है। भारत ने इस पहल के प्रति अपना दृढ़ समर्थन व्यक्त किया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि यह पहल क्षेत्र के सभी लोगों के लिए न्यायसंगत और स्थाई शांति का वादा करती है, जिसमें फ़लस्तीन मुद्दे का समाधान भी शामिल है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे सभी प्रयास बुद्धिमत्ता, साहस और मानवता से प्रेरित हों। शांति की राह हमेशा आसान नहीं होती, लेकिन भारत इस क्षेत्र में संवाद, शांति और स्थिरता के लिए आपके साथ और दुनिया के साथ खड़ा है।’’ मोदी ने कहा कि भारत और इज़राइल ‘‘इतिहास से आकार पाई लोकतांत्रिक व्यवस्थाएं हैं और भविष्य पर केंद्रित हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारी साझेदारी साझा अनुभवों और साझा आकांक्षाओं पर आधारित है। हमारी मजबूत भागीदारी न केवल राष्ट्रीय हितों की पूर्ति करती है, बल्कि वैश्विक स्थिरता और समृद्धि में भी योगदान देती है।’’

दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों को रेखांकित करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘आज की अनिश्चित दुनिया में भारत और इज़राइल जैसे भरोसेमंद साझेदारों के बीच सशक्त रक्षा साझेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में भारत-इज़राइल के बीच द्विपक्षीय वस्तु व्यापार में कई गुना वृद्धि हुई है। मोदी ने कहा कि भारत और इज़राइल विभिन्न प्रारूपों में भी मिलकर काम करेंगे, जैसे ‘इंडिया मिडिल ईस्ट-यूरोप इकनॉमिक कॉरीडोर’ और ‘आई2यू2’ ढांचा, जिसमें भारत, इज़राइल, यूएई और अमेरिका शामिल हैं।

प्रमुख खबरें

6500 करोड़ की परियोजनाओं से बदलेगा ग्वालियर का स्वरूप: ज्योतिरादित्य सिंधिया

परियोजनाओं में देरी और लागत वृद्धि पर भड़के नितिन गडकरी, गुणवत्ता से समझौता करने वाले ठेकेदारों को भी दिया सख्त संदेश

IPL 2026: भुवनेश्वर कुमार के सिर सजी पर्पल कैप, जानें ऑरेंज कैप पर किसका कब्जा

Top 10 Breaking News 28 April 2026 | Cyber Fraud Prevention | Gujarat Local Body Elections BJP Big Win | आज की मुख्य सुर्खियाँ यहां विस्तार से पढ़ें