By डॉ. अनिमेष शर्मा | Jun 18, 2026
भारत का मोबिलिटी सेक्टर तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ऑनलाइन कैब और ऑटो बुकिंग सेवाओं के बीच अब एक ऐसा मॉडल उभरकर सामने आया है, जो न केवल ड्राइवरों की कमाई बढ़ाने का दावा करता है बल्कि यात्रियों को भी कम किराए पर यात्रा की सुविधा देने की बात करता है। इसी दिशा में भारत टैक्सी ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। कंपनी के अनुसार, उसके प्लेटफॉर्म से देशभर में 35 लाख से अधिक यूजर्स और 6 लाख से ज्यादा ड्राइवर जुड़ चुके हैं।
कंपनी का कहना है कि इस व्यवस्था में किसी प्रकार का कॉर्पोरेट कमीशन नहीं लिया जाता। राइड पूरी होने के बाद भुगतान सीधे ड्राइवर के बैंक खाते में पहुंचता है, जिससे उनकी आय पर अतिरिक्त कटौती का बोझ नहीं पड़ता।
प्लेटफॉर्म से जुड़े चालकों का दावा है कि इस मॉडल ने उनकी मासिक आय में सकारात्मक बदलाव लाया है। कंपनी के मुताबिक, ड्राइवरों की आमदनी में औसतन 25 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
पारंपरिक मॉडल में कमीशन, इंसेंटिव आधारित आय और कमाई में अस्थिरता जैसी चुनौतियां लंबे समय से मौजूद रही हैं। ऐसे में जीरो-कमीशन व्यवस्था ड्राइवरों के लिए अधिक आकर्षक विकल्प बनती दिखाई दे रही है।
केवल ड्राइवर ही नहीं, बल्कि यात्रियों को भी इस मॉडल से लाभ मिलने का दावा किया जा रहा है। कंपनी के अनुसार, अन्य प्लेटफॉर्म्स की तुलना में यात्रियों को लगभग 15 प्रतिशत तक कम किराया देना पड़ रहा है।
कुछ ड्राइवरों का कहना है कि जहां कई निजी एग्रीगेटर सेवाएं प्रति किलोमीटर अपेक्षाकृत अधिक शुल्क वसूलती हैं, वहीं भारत टैक्सी प्रतिस्पर्धी दरों पर सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। इससे यात्रियों के लिए दैनिक यात्रा का खर्च कम हो सकता है।
भारत टैक्सी के नेतृत्व का मानना है कि तकनीक और सहकारिता का यह मिश्रण भविष्य के मोबिलिटी सेक्टर की दिशा तय कर सकता है। कंपनी के अनुसार, राइड से होने वाली कमाई का पूरा हिस्सा ड्राइवरों तक पहुंचाने की व्यवस्था इस मॉडल की सबसे बड़ी ताकत है।
इसी कारण प्लेटफॉर्म से जुड़े कई ड्राइवर स्वयं को केवल कर्मचारी नहीं बल्कि भागीदार और मालिक जैसा महसूस कर रहे हैं। इससे उनके भीतर प्लेटफॉर्म के प्रति भरोसा और जुड़ाव भी बढ़ रहा है।
भारत टैक्सी का नेटवर्क गुजरात में तेजी से फैल रहा है। कंपनी के मुताबिक, राज्य में एक लाख से अधिक ड्राइवर प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं। अहमदाबाद और सूरत में विस्तार के बाद अब वडोदरा को भी नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी चल रही है।
इसके साथ ही कंपनी आईटी पार्क, एयरपोर्ट, आवासीय सोसाइटी और व्यावसायिक केंद्रों में सीधे पहुंच बनाकर नए यूजर्स और ड्राइवरों को जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।
मोबिलिटी सेवाओं में सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक है। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने अपने एसओएस सिस्टम को गुजरात पुलिस नेटवर्क से जोड़ने की पहल की है। इससे आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके अलावा, 10 हजार से अधिक ड्राइवरों को डिजिटल साक्षरता, मोबाइल ऐप संचालन, ग्राहक व्यवहार और सॉफ्ट स्किल्स की ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। इससे सेवा की गुणवत्ता और ग्राहक अनुभव बेहतर बनाने में मदद मिल रही है।
भारत टैक्सी अब केवल कैब सेवा तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी मेट्रो नेटवर्क, राज्य परिवहन सेवाओं और एयरपोर्ट प्रबंधन संस्थाओं के साथ मिलकर एकीकृत परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। यदि यह प्रयास सफल होता है, तो यात्रियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर अधिक सुविधाजनक और सहज यात्रा अनुभव मिल सकता है।
भारत टैक्सी का यह मॉडल भारतीय मोबिलिटी सेक्टर में एक नए प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है, जहां लाभ केवल कंपनी तक सीमित न रहकर ड्राइवरों और यात्रियों तक भी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. अनिमेष शर्मा