बंगाल में अब सड़कों पर नमाज नहीं, अजान की तेज आवाज बंद, CM शुभेंदु का बड़ा फैसला

By अभिनय आकाश | May 13, 2026

देश के दूसरे राष्ट्रपति रहे प्रसिद्ध विद्वान सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने कहा है कि शासन का उद्देश्य केवल सत्ता चलाना नहीं बल्कि समाज में नैतिकता और न्याय स्थापित करना है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी अपने फैसलों से समाज में समानता और न्याय की स्थापना कर रहे हैं। सीएम ने आम नागरिकों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए नया आदेश जारी किया है। आदेश में कहा है कि पुलिस धार्मिक स्थलों पर लाउडस्कर की आवास को नियंत्रित करें। यानी किसी भी धार्मिक स्थल पर तय लिमिट से ऊंची आवाज में लाउडस्कर नहीं बजाया जाए। यह फैसला धार्मिक स्थलों के आसपास रहने वाले सामान्य नागरिकों को रोजाना होने वाली शोरगुल की परेशानी से बचाएगा। दूसरा आदेश है सड़कों पर होने वाली धार्मिक गतिविधियों को रोकने का। इस परेशानी के भुक्त भोगी सिर्फ पश्चिम बंगाल के लोग नहीं है। सभी हैं। आए दिन धार्मिक कार्यक्रमों के नाम पर सड़कें घेर ली जाती हैं। ट्रैफिक रोक दिए जाते हैं। आम आदमी घंटों जाम में फंसा रहता है। सीएम ने अपने आदेश में किसी खास वर्ग या धर्म को रेखांकित नहीं किया है। 

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एक वर्ग विशेष आरोप लगाता है कि ऐसे आदेशों के जरिए खासतौर पर उन्हें टारगेट किया जाता है। पश्चिम बंगाल में तो तुष्टीरण नीति के तहत इन्हें सड़क जाम करने और ऊंची आवाज में लाउडस्कर बजाने की खुली आजादी थी।  यह तथ्य है कि शुभेंदु सरकार ने अपने आदेश में किसी धर्म या वर्ग को रेखांकित नहीं किया। लेकिन तुष्टीकरण वाली पॉलिसी का सुविधा भोगी। यह वर्ग इस आदेश से आक्रोशित है।  जहां तक सवाल है 10 से 15 मिनट यही ना वक्त लगता है। ये लोग तो अपना जुलूस लेके जाते हैं तो  तीन-ती घंटा रास्ते में जाम रहता है। उसके लिए कोई मतलब ये नहीं है। सबका साथ सबका विकास। तो आप ऐसा अगर आप रवैया अपनाइएगा तो ये तो ठीक नहीं है।

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