By अभिनय आकाश | Dec 02, 2021
अब आपको एयरपोर्ट पर किसी भी तरह के बोर्डिंग पास की आवश्यकता नहीं होगी। क्योंकि आपका चेहरा ही एयरपोर्ट पर बोर्डिंग पास की भूमिका निभाएगा। लोकसबा में इस बात की जानकारी नागरिक उड्डयन मंत्रलाय की तरफ से एक प्रश्न के जवाब में दी गई है। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह (सेवानिवृत्त) ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में जानकारी देते हुए कहा कि भारत में किसी भी हवाई अड्डे पर चेहरे की पहचान तकनीक (एफआरटी) अभी तक पेश नहीं की गई है। यह सवाल सांसद फिरोज वरुण गांधी और राम शंकर कठेरिया ने पूछा गया था, जिसका जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि एफआरटी को अभी तक भारत के किसी भी हवाई अड्डे पर पेश नहीं किया गया है। हालांकि, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) चार हवाई अड्डों (वाराणसी, पुणे, कोलकाता और विजयवाड़ा) में डिजी यात्रा कार्यान्वयन के पहले चरण के हिस्से के रूप में एफआरटी-आधारित बायोमेट्रिक बोर्डिंग सिस्टम की एक परियोजना पर काम कर रहा है।
डिजी यात्रा सिस्टम के यात्रियों के चेहरे को एक बार सिस्टम में रजिस्टर्ड किया जाएगा। इसके बाद उन्हें टर्मिनल में प्रवेश करते वक्त अपनी पहचान साबित करने के लिए किसी भी तरह का कोई पहचान पत्र दिखाने की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा, यदि किसी विशेष यात्रा के लिए, यात्री डिजी यात्रा सेवाओं का लाभ नहीं उठाना चाहता है, तो यात्री के पास डेटा नहीं भेजने और हवाई अड्डों पर मौजूदा मैनुअल प्रक्रिया का उपयोग करने का विकल्प होता है।