By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 04, 2021
कोलकाता। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने विपक्ष के इस दावे को रविवार को खारिज कर दिया कि अगर भाजपा बंगाल में सत्ता में आयी तो राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का लागू करेगी जिससे ‘‘लोगों की नागरिकता के अधिकार छीन जाएंगे।’’ उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी कोई योजना नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह जरूर कहा कि पार्टी का इरादा नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू करने और पड़ोसी देश में धार्मिक उत्पीड़न से भागकर भारत आए शरणार्थियों को नागरिकता देने का है। उन्होंने कहा, ‘‘हम चुनावों के बाद सीएए लागू करने को लेकर उत्साहित हैं, जैसा कि हमने अपने चुनाव घोषणापत्र में वादा किया है। यह हमारे लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है क्योंकि हम उत्पीड़न का शिकार शरणार्थियों को नागरिकता देना चाहते हैं। अगर हम चुनाव जीतते हैं तो हमारी एनआरसी प्रक्रिया चलाने की कोई योजना नहीं है।’’ प्रदेश भाजपा के सूत्रों के अनुसार नए नागरिकता कानून से भारत में 1.5 करोड़ से अधिक लोगों को फायदा मिलेगा जिनमें से 72 लाख से अधिक लोग पश्चिम बंगाल में हैं। टीएमसी पर ‘‘भगवा पार्टी के खिलाफ भ्रामक सूचना फैलाने’’ का आरोप लगाते हुए 64 वर्षीय नेता ने हैरानी जताई कि राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी सीएए का विरोध क्यों कर रही है जो कि कई लोगों को फायदा पहुंचा सकता है। बंगाल में मतुआ समुदाय की अच्छी खासी आबादी है जो 1950 के बाद से मुख्यत: धार्मिक उत्पीड़न के कारण भागकर राज्य में आए थे। 30 लाख की आबादी वाले इस समुदाय का प्रभाव नदिया, उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों में 30-40 विधानसभा सीटों पर है।