By अभिनय आकाश | Apr 01, 2024
तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन पनी "सनातन धर्म को मिटाओ" टिप्पणी के लिए उनके खिलाफ कई एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने पूछा कि वह अपनी याचिका के साथ रिट क्षेत्राधिकार के तहत शीर्ष अदालत से कैसे संपर्क कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को रिट क्षेत्राधिकार के तहत स्टालिन से उनकी याचिका पर सवाल उठाए। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की पीठ ने मंत्री से कहा कि वह सीआरपीसी की धारा 406 के तहत शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर सकते थे, जिसमें आपराधिक मामलों को स्थानांतरित करने की मांग की गई थी, लेकिन संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत नहीं, जो रिट क्षेत्राधिकार से संबंधित है।
क्या था मामला?
सितंबर 2023 में एक सम्मेलन में बोलते हुए उदयनिधि ने यह कहकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व में राजनीतिक आक्रोश पैदा कर दिया कि सनातन धर्म सामाजिक न्याय और समानता के खिलाफ है और इसे "उन्मूलन" किया जाना चाहिए।