By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 11, 2020
मुम्बई। राकांपा प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र में मध्य प्रदेश जैसी राजनीतिक स्थिति होने से बुधवार को इनकार किया और कहा कि उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन सरकार राज्य में ‘‘बहुत अच्छा काम’’ कर रही है। पवार ने दक्षिण मुम्बई में विधान भवन में संवाददाताओं से कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा चुनाव हारने के बाद ‘‘जल्द पुनर्वास’’ चाहा था। सिंधिया कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं। यह पूछे जाने पर कि कमलनाथ सरकार के आसन्न पतन के लिए क्या कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए, पवार ने कहा कि पार्टी का एक ‘‘अच्छा और सक्षम नेतृत्व है।’’ सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने का मध्य प्रदेश में 15 महीने पुरानी कमलनाथ सरकार पर प्रभाव के बारे में पवार ने कहा, ‘‘कुछ लोगों को कमलनाथ की क्षमता पर विश्वास है और उन्हें लगता है कि चमत्कार हो सकता है।’’ पवार ने कहा कि उन्हें कमलनाथ की क्षमताओं पर पूरा भरोसा है।
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पवार ने कहा कि यस बैंक संकट एक दिन में नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक स्थिति चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, ‘‘बैंकिंग विभाग क्या कर रहा था? वह जवाबदेह है। विस्तृत जानकारी जांच होने के बाद सामने आएगी।’’ पवार ने कहा कि उन्होंने ममता बनर्जी, एच डी देवेगौड़ा, सीताराम येचुरी और यशवंत सिन्हा के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्रियों फारुक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को रिहा करने की मांग की थी। उन्होंने कहा, ‘‘उनका अपराध क्या है? इससे घाटी में गलत संदेश जाता है। जम्मू कश्मीर एक संवेदनशील राज्य है और लोगों की भावना देश के खिलाफ होने देना गलत है।’’ मुस्लिम आरक्षण पर उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक ने मुद्दे पर राकांपा का रुख रेखांकित किया है और पार्टी उसके साथ है। कोरेगांव भीमा हिंसा की एसआईटी जांच के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा,‘‘मुझे इसकी जानकारी नहीं कि क्या सरकार एसआईटी का गठन करेगी। लेकिन मेरी मांग कायम है।’’