कोई भी सोशल मीडिया नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं कर सकता: आईटी मंत्रालय

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 29, 2022

नयी दिल्ली| कोई भी सोशल मीडिया कंपनी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर नहीं कर सकती है और इंटरनेट एक सुरक्षित तथा भरोसेमंद स्थान होना चाहिए, जिसमें सभी मंच अपने उपयोगकर्ताओं के प्रति जवाबदेह हों।

सूत्रों ने पीटीआई-से कहा कि केंद्र ने दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष दायर हलफनामे में भी अपने रुख की पुष्टि की है। यह पहली बार है जब आईटी मंत्रालय ने उपयोगकर्ता और सोशल मीडिया मंचों के बीच विवाद में अपना रुख स्पष्ट किया है।

अदालत के समक्ष एक सोशल मीडिया उपयोगकर्ता की रिट याचिका के बाद मंत्रालय ने हलफनामा दायर किया। सोशल मीडिया का उपयोग करने वालों के एक वर्ग के बीच असंतोष बढ़ रहा है।

उनका आरोप है कि डिजिटल मंच मनमाने तरीके से उनकी सामग्रियों को हटाते हैं। सूत्रों ने कहा कि मंत्रालय मुक्त, सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह इंटरनेट के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्रालय के अनुसार, कोई भी मध्यस्थ, चाहे वह बड़ा हो या फिर छोटा, भारतीय हो अथवा विदेशी हो, उसके पास भारतीय नागरिकों के मौलिक और संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का अधिकार नहीं है। सूत्रों ने कहा कि सोशल मीडिया मंच और मध्यस्थों को समय-समय पर लागू होने वाले सभी कानूनों और नियमों का सम्मान करना चाहिए।

जहां तक ​​नीतिगत रुख का संबंध है, इंटरनेट सभी उपयोगकर्ताओं के लिये एक सुरक्षित और भरोसेमंद स्थान होना चाहिए तथा सभी मध्यस्थों को उपयोगकर्ताओं के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।

प्रमुख खबरें

India की बुलबुल S. Janaki का निधन, Mohanlal से Mammootty तक Film Industry ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

Aaditya Thackeray का BJP पर सबसे बड़ा हमला, बोले- यह अब बाबर जनता पार्टी है

Dehradun-Rishikesh Highway Project: विकास की भेंट चढ़ेंगे हजारों पेड़? चौड़ीकरण पर मचा भारी बवाल

ये मेरे हैं… Engagement Ring दिखाकर Jasmine Sandlas ने स्टेज पर किया प्यार का सरेआम इजहार