By अभिनय आकाश | Aug 06, 2026
कर्नाटक के अलंद निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस विधायक बी.आर. पाटिल ने गुरुवार को राज्य कैबिनेट में शामिल न किए जाने पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना सारा "दर्द और तकलीफ़" एक फ़ेसबुक पोस्ट में बता दिया है और अब उन्हें इस बारे में कुछ और नहीं कहना है। ANI से बात करते हुए पाटिल ने कहा कि उन्होंने राज्य कांग्रेस नेतृत्व के सामने वोट चोरी के एक कथित मामले का मुद्दा उठाया था, जिसे बाद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्तर पर उठाया। पाटिल ने कहा मैंने अपने फ़ेसबुक पेज पर अपना सारा दर्द और तकलीफ़ साझा की है। अब और कुछ कहने को नहीं है। बस एक दुख की बात है।
कांग्रेस विधायक ने कहा कि मंत्री बनना कोई मौलिक अधिकार नहीं है और माना कि हर विधायक को कैबिनेट में शामिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा विधायक या मंत्री बनना कोई मौलिक अधिकार नहीं है। हर किसी के लिए ऐसा होना मुमकिन नहीं है। हालांकि, पाटिल ने दावा किया कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उन्हें तीन बार भरोसा दिलाया था कि उन्हें कैबिनेट में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा सिद्धारमैया ने मुझे तीन बार भरोसा दिलाया था कि मैं मंत्री बनूंगा। मैं चाहता था कि ऐसा हो, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।