By अभिनय आकाश | Jun 13, 2026
ईरान ने अमेरिका की डील को ठुकरा दिया है। ट्रंप एक तरफ व्हाइट हाउस में मीटिंग कर रहे हैं और पत्रकारों से कह रहे हैं कि उनकी ईरान के साथ डील हो गई है। ईरान अमेरिका की सारी शर्तों को मानने पर राजी भी हो गया है। दूसरी तरफ ईरान ने साफ कह दिया है कि उसने अमेरिका की ना तो कोई शर्त मानी है और ना ही अमेरिका और ईरान की कोई डील हुई है। यानी कि हमले जरूर थम चुके हैं लेकिन युद्ध अभी तक थमा है या नहीं। इसको लेकर अभी भी कंफ्यूजन बाकी है। ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी सैनिकों का एक छोटा समूह कल ही ईरान में घुसकर पूरे ईरान पर कब्जा कर सकता है। साथ में यहां पर यह भी कहा गया है कि अगर मैं चाहूं तो यानी कि यह बात डॉनल्ड ट्रंप कह रहे हैं। एक और ईरान इंटरनेशनल इंग्लिश की खबर है। इसमें ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका आज रात ईरान पर और भी बड़े हमले और शक्तिशाली बम हमले करेगा और कहा कि अमेरिका अभी भी तेहरान से बातचीत कर रहा है। लेकिन उनकी प्राथमिकता ईरान के तेल व्यापार केंद्र खर्ग द्वीप पर कब्जा करना है। यानी कि ईरान में कब्जा करने और ईरान में जमीन पर सैनिक उतारने, बड़ा हमला करने की धमकी ट्रंप ने ईरान को एक रात पहले दे दी थी। कुछ ही घंटों के बाद भारत के समय के मुताबिक कहें तो रात से दिन हुआ और खबर ये आ गई कि डॉनल्ड ट्रंप ने अब हमला करने का जो अपना प्लान था वो टाल दिया है।
ईरान का कहना है कि अगर वह दबाव में झुकता तो वह एक साल पहले ही झुक गया होता ना कि लगातार अमेरिका की बमबारी के बाद। साथ ही ईरानी प्रवक्ता ने ट्रंप के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि समझौते पर साइन होने पर स्टेट ऑफ फॉर्मस फिर से खुल जाएगा। मंत्रालय ने कहा कि यह ईरानी प्राधिकरण के अधीन आता है और बंद है और सुरक्षित आवागमन संभव नहीं है। आगे ईरान ने ट्रंप के इस नए दावे को भी खारिज किया है कि उन्होंने ईरान पर आज रात के हमलों को रद्द करने के लिए समझौता किया है। ईरान ने इसको बेबुनियाद बताते हुए कहा कि ऐसा कोई समझौता हुआ ही नहीं है और ट्रंप के सभी शब्दों को उसी तरीके से नजरअंदाज किया जाना चाहिए जैसे कि उन्होंने पिछले दो महीनों में 38 बार समझौते की घोषणा करी थी। तस्नीम न्यूज़ के मुताबिक एक वरिष्ठ इजरयली अधिकारी ने चैनल 12 को बताया कि उन्हें किसी भी समझौते के होने की जानकारी नहीं है। यह बात यह खबर अब ईरान की ओर से कही जा रही है कि उनके और अमेरिका के बीच कोई समझौता हुआ नहीं है और ना ही अमेरिका की जो डील है उस पर ईरान राजी हुआ है।