By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 30, 2026
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन की बहन ने बुधवार को दक्षिण कोरिया के उन दावों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि उत्तर कोरिया ने बारूदी सुरंगें बिछाई थीं जिनकी चपेट में आकर पिछले हफ्ते दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हो गए थे। उत्तर कोरिया की प्रभावशाली नेता मानी जाने वाली किम यो जोंग ने चेतावनी दी कि अगर दक्षिण कोरिया की सेना सीमा पर किलेबंदी का काम कर रहे उसके सैनिकों पर गोलीबारी करती है तो वे इसका माकूल जवाब देंगे। कोरियाई देशों के बीच भारी सुरक्षा वाले सीमा क्षेत्र असैन्यीकृत क्षेत्र (डीएमजेड) के पश्चिमी हिस्से में सैन्य सीमांकन रेखा के पास 21 सितंबर को लगातार हुए दो विस्फोटों में दक्षिण कोरिया के तीन सैन्य अधिकारी घायल हो गए थे।
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री कांग शिन-चुल ने कहा है कि यदि पूरी जांच में विस्फोटों के लिए उत्तर को जिम्मेदार पाया जाता है तो दक्षिण कोरिया ‘‘उचित जवाबी कदम’’ उठाने पर विचार करेगा। किम यो जोंग उत्तर कोरिया की शीर्ष विदेश नीति अधिकारी हैं। उन्होंने दक्षिण कोरिया के आकलन को ‘‘षड्यंत्रकारी तमाशा’’ बताया।
उन्होंने सियोल पर उत्तर कोरिया के खिलाफ सैन्य उकसावे के लिए आधार तैयार करने को लेकर बेबुनियाद दावे करने का भी आरोप लगाया। दोनों कोरियाई देशों के बीच संबंधों में गिरावट के बीच उत्तर कोरिया ने हाल के वर्षों में सीमा पर बारूदी सुरंगें, टैंक रोधी अवरोधक और अन्य रूपों में किलेबंदी बढ़ाई है। इससे दक्षिण कोरिया में डीएमजेड के पास उत्तर कोरियाई सैनिकों की बढ़ती मौजूदगी को लेकर चिंता बढ़ी है।
दक्षिण कोरिया के जेसीएस के संचालन निदेशक कांग ह्यून-वू ने कहा, ‘‘हम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि भविष्य में होने वाले किसी भी घटनाक्रम के लिए उत्तर कोरिया पूरी तरह जिम्मेदार होगा।’’ वहीं, किम यो जोंग ने उत्तर कोरिया के प्रयासों को सीमा मजबूत करने के लिए उसकी संप्रभुता का वैध इस्तेमाल बताया। उन्होंने कहा कि ‘‘हमारे सैनिकों ने कभी सीमा पार नहीं की और अगर हमारी जमीन पर एक भी गोली चलती है तो उन्हें भारी कीमत चुकाने के लिए तैयार रहना होगा।’’ हाल के विस्फोट सैन्य सीमांकन रेखा से करीब 10 मीटर दक्षिण में हुए थे। ये उस अभियान के दौरान हुए जिसमें दशकों से कम इस्तेमाल किए जा रहे घने वन क्षेत्र में गश्ती मार्ग बनाया जा रहा था।
दक्षिण कोरिया के जेसीएस के उपाध्यक्ष क्वोन डे-वॉन ने कहा कि पिछले सप्ताह हुए विस्फोटों के पीछे उत्तर कोरियाई बारूदी सुरंगों के होने की ‘‘बहुत अधिक संभावना’’ है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में दक्षिण कोरिया या सहयोगी बलों द्वारा बारूदी सुरंगें बिछाए जाने का कोई रिकॉर्ड नहीं है।