By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 12, 2026
उत्तर कोरिया ने एक सप्ताह से भी कम समय में बुधवार को दूसरी बार बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया। उसके पड़ोसी देशों ने यह जानकारी दी। ऐसा माना जा रहा है कि यह परीक्षण दक्षिण कोरिया और अमेरिका के प्रस्तावित संयुक्त सैन्य अभ्यास के विरोध में किया गया है जिसे उत्तर कोरिया अपने खिलाफ हमले की तैयारी के तौर पर देखता है।
परिषद ने कहा कि ‘‘उकसावे वाली ये कार्रवाइयां’’ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कई प्रस्तावों के तहत उत्तर कोरिया के बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण पर प्रतिबंध है लेकिन उसके नेता किम जोंग उन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 2019 में उच्चस्तरीय कूटनीतिक प्रयास विफल होने के बाद उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु और मिसाइल हथियारों के भंडार को बढ़ाने के लिए बैलिस्टिक मिसाइलों और अन्य हथियारों के परीक्षण तेज कर दिए हैं। जापान के रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि उसने भी उत्तर कोरिया की ओर से एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल के प्रक्षेपण का पता लगाया है।
मंत्रालय ने कहा कि मिसाइल के जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र तक पहुंचने की कोई जानकारी नहीं है और माना जा रहा है कि वह जापान के तट से काफी दूर गिरी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने दो दिन पहले घोषणा की थी कि वे उत्तर कोरिया से संभावित खतरों से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए 17 अगस्त से अपना वार्षिक सैन्य अभ्यास शुरू करेंगे।