By अभिनय आकाश | Sep 19, 2026
भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने एक ऐसा बयान दिया है जिसे सुनकर आपका खून खौल जाएगा। हामिद अंसारी वो शख्स हैं जिन पर ईरान का राजदूत रहते हुए आरोप लग चुके हैं कि इन्होंने भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के अधिकारियों की जान खतरे में डाली थी। रॉ के कुछ पूर्व अधिकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर हामिद अंसारी पर लगे आरोपों की जांच कराने तक की मांग कर चुके हैं। हामिद अंसारी वो शख्स हैं जिन्होंने सोमनाथ मंदिर पर हमला करने वाले महमूद गजनवी को भारतीय लुटेरा बोलकर भारत के ही इतिहास को कलंकित करने का काम किया। अब इन्हीं हामिद अंसारी ने बयान दिया है कि भारत को खतरा कम्युनिज्म यानी वामपंथ से नहीं है बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता से है। कितनी आसानी से हिंदुओं को सांप्रदायिकता से जोड़ दिया जाता है।
अंसारी ने पूर्व विदेश सचिव जगत सिंह गुंडेविया के दस्तावेज में दर्ज जवाहरलाल नेहरू के बयान का हवाला दिया। यह बयान विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक बैठक से जुड़ा था। अंसारी ने कहा, “नेहरू ने चेतावनी दी थी कि भारत को असली खतरा कम्युनिज्म से नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता से था। 10 अगस्त 2017 को उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी के कार्यकाल का अंतिम दिन था। उस दिन पीएम मोदी को विदाई भाषण देना था। तभी पीएम मोदी ने हामिद अंसारी के करियर, उनकी विचारधारा और पिछले 10 वर्षों के कार्यकाल पर टिप्पणी कर दी। पीएम मोदी ने कहा कि शायद आपके भीतर भी छटपटाहट रही होगी। लेकिन अब इस दायरे से छूटने के बाद आपको यह संकट नहीं रहेगा। आपको अब आजादी का एक नया एहसास होगा। पीएम मोदी ने तंज कसते हुए जो बयान दिया वो आप सुन लीजिए। लेकिन ये 10 साल पूरी तरह एक अलग जिम्मा आपके सिम में आया और पूरी तरह एक एक पल संविधान संविधान संविधान के ही दायरे में चलाना और आपने उसको बखूबी निभाने का भरपूर प्रयास किया।