भाजपा विरोधी मोर्चे की अगुवाई करने या संप्रग अध्यक्ष बनने की इच्छा नहीं है : शरद पवार

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 03, 2022

पुणे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने रविवार को कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी विरोधी मोर्चे का नेतृत्व नहीं करेंगे और वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) का अध्यक्ष बनने के भी इच्छुक नहीं हैं। पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर में पत्रकारों से बातचीत में पवार ने यह भी कहा कि केंद्र में भाजपा का विकल्प पेश करने के मकसद वाली किसी भी पहल से कांग्रेस को बाहर नहीं रखा जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं भाजपा के खिलाफ विभिन्न दलों वाले किसी भी मोर्चे की अगुवाई करने की कोई जिम्मेदारी नहीं उठाने जा रहा।’’ साथ ही उन्होंने कहा कि वह संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अगुवाई भी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हाल में हमारी पार्टी (राकांपा) के कुछ युवा कार्यकर्ताओं ने मुझे संप्रग का अध्यक्ष बनने के लिए कहते हुए एक प्रस्ताव पारित किया लेकिन मैं उस पद का इच्छुक नहीं हूं।’’ 

भाजपा नेता नितिन गडकरी के कांग्रेस को मजबूत होने की आवश्यकता बताने वाले बयान पर पवार ने कहा कि एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए मजबूत विपक्षी दल की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर केवल एक पार्टी ही मजबूत होती है तो यह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जैसा हो जाएगा। उन्होंने और चीन के राष्ट्रपति ने जीवित रहने तक अपने देशों का नेतृत्व करने का संकल्प लिया है। मैं उम्मीद करता हूं कि भारत के पास ऐसा पुतिन नहीं होना चाहिए।’’ पवार ने कहा कि देश में महंगाई एक प्रमुख मुद्दा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में हर दूसरे दिन ईंधन की कीमतें बढ़ायी जा रही हैं, जो न केवल आम लोगों के खर्चों पर असर डाल रही है बल्कि कीमतें बढ़ने और परिवहन की लागत बढ़ाने में भी योगदान दे रही है।

इसे भी पढ़ें: शरद पवार ने कहा, ‘द कश्मीर फाइल्स’ के जरिए नफरत फैला रही है भाजपा 

‘द कश्मीर फाइल्स’ के बारे में बोलते हुए पवार ने कहा कि फिल्म इस तरह से बनायी गयी है कि अन्य धर्मों के लोग आक्रोशित होंगे। उन्होंने दोहराया कि घाटी से कश्मीरी पंडितों के निर्वासन के दौरान केंद्र में वीपी सिंह की सरकार थी न कि कांग्रेस की। उन्होंने कहा कि फिल्म तथ्यों पर आधारित नहीं है बल्कि इससे नस्लवाद और नफरत बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि गुजरात में हालात (2002 में गोधरा साम्प्रदायिक दंगों के बाद) घाटी से बदतर थे। स्वाभिमानी शेतकरी पक्ष (एसएसपी) के बारे में पवार ने कहा कि किसी भी पार्टी को महा विकास अघाडी से अलग नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अगर उन्हें (एसएसपी) कोई गलतफहमी है तो उनकी शंकाएं दूर करना हमारी जिम्मेदारी है।

प्रमुख खबरें

England T20I हार के बाद Gautam Gambhir और Shreyas Iyer पर संकट, BCCI करेगा समीक्षा

Karur Tragedy: जिस हादसे ने हिला दी थी TVK की नींव, अब CM Vijay बनकर मरहम लगाने लौटे

बंगाल संकट के बीच Mamata Banerjee का BJP पर बड़ा हमला: मुझे चुप कराने के लिए मेरी जान लेनी होगी

अयोध्या में सपा-कांग्रेस पर बरसे CM योगी, पूछा- हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप क्यों कराया था?