बदले समीकरण के बीच नीतीश कुमार पर बरसे पशुपति पारस, बोले- बिहार के हित के लिए नहीं हुआ सही

By अनुराग गुप्ता | Aug 10, 2022

पटना। बिहार में राजनीति का नया अध्याय लिखा जा चुका है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार का गठन हुआ। इससे पहले नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की सरकार थी, जिसके मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार ने मंगलवार को इस्तीफा दिया और बुधवार को महागठबंधन के नेता के तौर पर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समेत एनडीए के सहयोगी दल नीतीश कुमार पर हमलावर हैं।

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भाजपा के बने रहेंगे सहयोगी

इससे पहले पशुपति कुमार पारस ने साफ कर दिया था कि वो भाजपा के सहयोगी बने रहेंगे। उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ रहेगी क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा दूसरा नेता मिलना नामुमकिन है। उन्होंने कहा था कि हमारी पार्टी 100 प्रतिशत भाजपा के साथ है। बैठक में भाजपा को समर्थन देने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा था कि लोजपा के संस्थापक और दिग्गज दलित नेता रामविलास पासवान के नेतृत्व में 2014 में भाजपा के साथ गठबंधन करने का फैसला किया गया था और उनकी पार्टी उस फैसले पर कायम रहेगी।

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