सोशल मीडिया से इथेनॉल से जुड़ा डीपफेक कटेंट तुरंत हटाएं, Meta-Google को हाई कोर्ट का नोटिस

By अभिनय आकाश | Aug 05, 2026

बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को अंतरिम राहत दी। उन्होंने सरकार के E20 इथेनॉल-ब्लेंडिंग प्रोग्राम से खुद को और अपने परिवार को जोड़ने वाले अपमानजनक और डीपफेक कंटेंट को हटाने के लिए केस दायर किया था। जस्टिस आरिफ डॉक्टर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मध्यस्थों को गडकरी के खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक कंटेंट हटाने का आदेश दिया। यह केस गडकरी ने मेटा, X, गूगल/यूट्यूब, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, दूरसंचार विभाग और "अशोक कुमार/जॉन डो" के तौर पर बताए गए अज्ञात यूज़र्स के ख़िलाफ़ दायर किया था। कोर्ट ने माना कि गडकरी द्वारा चिह्नित किया गया कंटेंट बहुत बुरा और अपमानजनक था।

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कोर्ट ने Google और Meta से यह भी कहा कि वे ऐसा तरीका निकालें जिससे हर बार कोर्ट आए बिना ही आपत्तिजनक कंटेंट को हटाया जा सके। इस मामले की सुनवाई अब 4 हफ़्ते बाद होगी। गडकरी ने कोर्ट में याचिका दायर करके कथित तौर पर हेर-फेर किए गए वीडियो और तस्वीरों को हटाने के लिए स्थायी और अनिवार्य आदेश (इंजंक्शन) की मांग की है। याचिका में इन्हें AI से बने "मानहानि करने वाले कंटेंट" और "डीप फेक कंटेंट" बताया गया है। याचिका के अनुसार, इस कंटेंट में E20 प्रोग्राम के लिए गलत तरीके से उन्हें व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया गया है और यह संकेत दिया गया है कि उन्होंने और उनके परिवार ने इससे अनुचित आर्थिक लाभ उठाया है। याचिका के अनुसार, इस कंटेंट में E20 प्रोग्राम के लिए गडकरी को गलत तरीके से व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया गया और आरोप लगाया गया कि उन्हें और उनके परिवार को इससे फायदा हुआ है। 

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