By अनन्या मिश्रा | Mar 26, 2026
आज के समय में कम उम्र में ही कई लोगों के बाल सफेद होने लगते हैं। जोकि एक चिंता का विषय बन गया है। तनाव, बदलती लाइफस्टाइल, गलत खानपान और प्रदूषण का सबसे पहले असर हमारे बालों पर ही होता है। ऐसे में महिलाएं अक्सर केमिकल वाली डाई का सहारा लेते हैं। जो कुछ समय तक असर दिखाता है, लेकिन लंबे समय तक यह बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है।
समय से पहले बालों का सफेद होना शरीर में पोषण की कमी, हार्मोनल बदलाव, तनाव या ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से जुड़ा होता है। वहीं आयुर्वेद में कुछ ऐसी प्राकृतिक चीजें बताई गई हैं, जो बालों को अंदर से पोषण देने के साथ नेचुरल कलर को बनाए रख सकती है। आप इस हेयर पैक को 4 नेचुरल और पोषक तत्वों से भरपूर चीजों से तैयार कर सकती हैं।
त्रिफला पाउडर- 1 बड़ा चम्मच
आंवला पाउडर- 1 बड़ा चम्मच
काले तिल का पाउडर- 1 बड़ा चम्मच
कलौंजी या नारियल तेल- 2 बड़ा चम्मच
एक साफ बाउल लें और इसमें काले तिल, त्रिफला और आंवला पाउडर डालें।
फिर इसमें नारियल या कलौंजी का तेल मिलाएं।
इन चीजों को अच्छे से मिलाकर गाढ़ा और स्मूद पेस्ट तैयार करें।
इसको बालों और स्कैल्प में अच्छे से लगाएं।
फिर हल्के हाथों से 5-10 मिनट तक मसाज करें, जिससे पोषण जड़ों तक पहुंचे।
इसको करीब 1 घंटे तक लगा रहने दें।
अब माइल्ड शैंपू से बालों को अच्छे से धो लें।
सप्ताह में कम से कम दो बार 3 महीने तक इस हेयर पैक का इस्तेमाल करें।
त्रिफला तीन जड़ी बूटियों हरड़, आंवला और बहेड़ा का मिश्रण है।
यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जोकि फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करता है।
स्कैल्प को डिटॉक्स करने और जड़ों को मजबूत बनाता है।
त्रिफला पाउडर बालों की ग्रोथ को सपोर्ट करता है।
साथ ही यह सफेदी होने वाले प्रोसेस को धीमा करने में मदद करता है।
काला तिल कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और विटामिन B से भरपूर होता है।
यह बालों की जड़ों को पोषण देता है और मेलेनिन उत्पादन को भी सपोर्ट कर सकते हैं।
काले तिल का पाउडर बालों को नेचुरल रूप से काला बनाए रखने में फायदेमंद होता है।
यह बालों को मजबूत और घना बनाता है।
आंवला विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट का सबसे अच्छा स्त्रोत है।
आंवला स्कैल्प को हेल्दी रखने के साथ बालों की जड़ों को मजबूती देता है।
यह बालों की नेचुरल चमक और रंग को बनाए रखता है।
आंवला हेयर फॉल कम करने के साथ बालों की ग्रोथ बढ़ाने में सहायक होता है।
कलौंजी के तेल में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जोकि स्कैल्प की सेहत को सुधारता है।
वहीं नारियल का तेल बालों को मॉइश्चराइज करता है और प्रोटीन लॉस भी कम करता है।
कलौंजी का तेल और नारियल का तेल दोनों ही बालों की जड़ों तक पोषण पहुंचाकर बालों को हेल्दी और मजबूत बनाता है।