Pakistan की तो कोई सुन ही नहीं रहा...अब होर्मुज खुलवाने के लिए कतर ने संभाला मोर्चा, तेहरान भेजा अपना डेलीगेशन

By अभिनय आकाश | May 23, 2026

ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच सीजफायर कराने की पाकिस्तान की कोशिश कोई ज्यादा रंग नहीं लाती दिख रही है। ऐसे में दुनिया की सबसे बड़ी लाइफलाइन माने जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा शुरू कराने के लिए कतर ने एक बड़ा कदम उठाया है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी भारी तनाव को सुलझाने के लिए कतर की एक मध्यस्थ टीम तेहरान भेजी गई है। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से न सिर्फ खाड़ी देशों की इकोनॉमी को भारी नुकसान पहुंचा है, बल्कि ग्लोबल ऑयल मार्केट पर भी इसका गहरा असर पड़ा है। अब देखना होगा कि कतर की इस मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच समझौते की राह कितनी आसान होती है। रॉयटर्स को बताया कि कतर की एक वार्ता टीम शुक्रवार को संयुक्त राज्य अमेरिका के समन्वय से तेहरान पहुंची, ताकि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने और लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए एक समझौता कराने में मदद मिल सके।

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हालांकि पाकिस्तान युद्ध शुरू होने के बाद से आधिकारिक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, कतर की पुनः भागीदारी क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी और वाशिंगटन तथा तेहरान के बीच विश्वसनीय गुप्त संपर्क सूत्र के रूप में उसकी दीर्घकालिक भूमिका को दर्शाती है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के साथ शुरू हुए इस युद्ध में एक अस्थिर युद्धविराम लागू है, लेकिन कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। अमेरिकी नाकाबंदी और तेहरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद करने से वार्ता जटिल हो गई है। एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने गुरुवार को रॉयटर्स को बताया कि कोई समझौता नहीं हुआ है, लेकिन मतभेद कम हो गए हैं। ईरान द्वारा यूरेनियम संवर्धन और जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण अभी भी कुछ अड़चनों के मुख्य बिंदु हैं।

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