By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 17, 2026
दवा मूल्य नियामक एनपीपीए ने शनिवार को कैंसर-रोधी 137 गैर-अनुसूचित दवाओं के व्यापार मार्जिन को 30 प्रतिशत तक सीमित कर दिया। आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने बयान में कहा कि यह फैसला नौ नवंबर से प्रभावी होगा।
मंत्रालय के अनुसार, यह कदम स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के तहत गठित विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर आधारित है। इस समिति में देशभर के प्रमुख कैंसर विशेषज्ञ, चिकित्सा विशेषज्ञ, अस्पतालों के प्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी शामिल थे। समिति ने व्यापार मार्जिन को तर्कसंगत बनाने के लिए 137 दवाओं की सिफारिश की थी।
इस सूची को समय-समय पर अद्यतन किया जाएगा। यह पहल एनपीपीए की 2019 की प्रायोगिक योजना पर आधारित है। उस समय 42 कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन 30 प्रतिशत तय किया गया था।
इसके परिणामस्वरूप 526 ब्रांड की दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में 90 प्रतिशत तक की कमी आई थी। मंत्रालय ने कहा कि नयी व्यवस्था के तहत अब कहीं अधिक संख्या में कैंसर की दवाओं को शामिल किया गया है। दवा कंपनियों को संशोधित मूल्य सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित करने और खुदरा विक्रेताओं तथा अस्पतालों तक इसकी जानकारी व्यापक रूप से पहुंचाने का निर्देश दिया गया है।
इसके अलावा, खुदरा विक्रेताओं और अस्पतालों को नौ नवंबर से संशोधित दरों पर ही दवाएं बेचनी होंगी और अपनी फार्मेसी में नई कीमतों को प्रदर्शित करना होगा।