By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Dec 26, 2019
नयी दिल्ली। लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति रॉय ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) का विरोध करने का आह्वान करते हुए बुधवार को दावा किया कि एनपीआर राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के लिए डेटाबेस का काम करेगा। दिल्ली विश्वविद्यालय में एक विरोध सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने यह भी दावा किया कि एनआरसी का लक्ष्य देश के मुस्लिम हैं। रॉय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एनआरसी मुद्दे पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पहले ही कहा था कि एनपीआर और एनआरसी के बीच कोई संबंध नहीं है और उनके डेटाबेस को एक दूसरे के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
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रॉय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने झूठ बोला कि देश में डिटेंशन सेंटर या हिरासत केंद्र नहीं हैं। उन्होंने कहा, पकड़े जाएंगे यह जानते हुए भी उन्होंने (प्रधानमंत्री) झूठ बोला क्योंकि उनके पास मीडिया है जो उनसे सवाल नहीं पूछेगा। रॉय ने कहा कि जो संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी का विरोध कर रहे हैं उन्हें विभिन्न राज्यों से बाकायदा आश्वासन लेना चाहिए कि वे इस प्रावधान को लागू नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में सीएए और एनआरसी का व्यापक स्तर पर विरोध होने के बाद सरकार इसके प्रावधानों को एनपीआर के जरिये लागू करवाना चाहती है। रॉय ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिसमुस्लिमों पर हमला कर रही है और उनका दमन कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश पुलिस मुस्लिमों के घरों में घुसकर लूट मार कर रही है। रॉय के अनुसार सीएए और एनआरसी मुस्लिमों के अलावा दलितों, आदिवासियों और देश के गरीब लोगों के भी खिलाफ है।