Nifty 75 अंक चढ़कर 23346 पर बंद, Sensex में मामूली गिरावट

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 18, 2026

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद आईटी कंपनियों और टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में कमजोर रुख के कारण मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी शुक्रवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 19.63 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,294.96 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 413.85 अंक यानी 0.55 प्रतिशत बढ़कर 74,728.44 अंक तक पहुंच गया था।

वहीं लाभ में रहने वाले शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल शामिल हैं। छोटी कंपनियों से जुड़ा बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 1.56 प्रतिशत और मझोली कंपनियों का मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.79 प्रतिशत चढ़ा। साप्ताहिक आधार पर सेंसेक्स 486.8 अंक यानी 0.65 प्रतिशत और निफ्टी 51.7 अंक यानी 0.22 प्रतिशत टूटा।

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग उल्लेखनीय बढ़त के साथ बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में दोपहर कारोबार में गिरावट का रुख रहा। अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।

एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और एशियाई बाजारों से मिले समर्थन से चुनिंदा शेयरों में लिवाली को बढ़ावा मिला। ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत करीब 103.3 डॉलर प्रति बैरल तक आने से मुद्रास्फीति, रुपये और भारत की आयात लागत को लेकर चिंता कुछ कम हुई।’’ राधाकृष्णन ने कहा कि हालांकि, आईटी कंपनियों और टाटा समूह की कुछ कंपनियों के शेयर में कमजोर रुख के साथ-साथ कई बड़े आईपीओ में नकदी जाने से बाजार में व्यापक सुधार सीमित रहा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) के 22,569 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को शुक्रवार को बोली के दूसरे दिन पूर्ण अभिदान मिला। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘कच्चे तेल की कीमत और वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल में नरमी से जोखिम लेने की धारणा बेहतर होने के कारण भारतीय शेयर बाजारों में तेजी जारी रही। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितता बनी हुई है।

प्रमुख केंद्रीय बैंकों के अपेक्षित नीतिगत फैसलों के बाद वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भी निवेशकों के रुख को मजबूती दी। सभी क्षेत्रों में तेजी रही, हालांकि मुनाफावसूली के कारण आईटी कंपनियों के शेयर में गिरावट आई। इस बीच, यह चिंता बनी रही कि लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें रहने से वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी क्षेत्र में खर्च प्रभावित हो सकता है।’’ अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का वायदा भाव 1.35 प्रतिशत की गिरावट के साथ 103.4 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को शुद्ध रूप से 3,208.76 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 21.86 अंक की गिरावट और निफ्टी 53 अंक की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ था।

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