By अनन्या मिश्रा | Dec 23, 2025
अगर आप भी लव मैरिज करना चाहते हैं, लेकिन हर बार बात बनते-बनते बिगड़ जाती है। तो इसका कारण सिर्फ सामाजिक दबाव नहीं हो सकती है। कई बार घर का वास्तु दोष भी रिश्तों में बाधा बनता है। वास्तु और ज्योतिष शास्त्र की मानें, तो सकारात्मक ऊर्जा रिश्तों को मजबूत बनाती है, लेकिन अगर घर में कुछ ऊर्जा अवरोध पैदा कर रहे हों, तो सबसे पहले असर आपसी संबंधों पर ही पड़ता है। ऐसे में अगर आपका रिश्ता किसी न किसी कारण अटक रहा है, तो आपको कुछ ज्योतिषीय और वास्तु उपाय आजमाकर अपनी मुश्किलों को आसान कर सकते हैं। इन उपायों को करने से न सिर्फ सोच में बदलाव आती है, बल्कि विवाह में आने वाली अन्य बाधाओं को भी कम कर सकते हैं।
अगर माता-पिता का कमरा दक्षिण-पश्चिम दिशा में है, तो यह स्थायित्व का प्रतीक है। दक्षिण-पश्चिम दिशा में लोहे की चीजें या फर्नीचर रखने से व्यवहार में कठोरता बढ़ती है। हल्के रंग और लकड़ी का हल्का फर्नीचर सबसे उपयुक्त होता है।
कमरे से ऐसी तस्वीरें हटाएं, जो उदासी, अकेलेपन या तनाव को दर्शाएं। उनकी जगह फैमिली की मुस्कुराती हुई तस्वीरें या फिर सौहार्द दिखाने वाली पेंटिंग लगानी चाहिए।
रंगीन क्रिस्टल बॉल या ताजे फूल से कमरे में पॉजिटिव एनर्जी आती है और आपके विचारों में संतुलन बनता है।
मां लक्ष्मी को हर शुक्रवार को सफेद मिठाई चढ़ाएं और 'ऊँ ह्रीं श्रीं लक्ष्म्यै नम:' मंत्र का 108 बार जाप करें।
हर सोमवार को शिवलिंग पर दूध अर्पित करना चाहिए, जिससे चंद्रमा शांत हो और माता-पिता के मन को भी शांति आए।
रोजाना अपने इष्टदेव को जल चढ़ाकर विवाह में सफलता की प्रार्थना करनी चाहिए।
शुक्रवार को लड़कियां और बुधवार को लड़के व्रत करें। बुधवार और शुक्रवार का दिन प्रेम और सौहार्द के प्रतीक माने जाते हैं।