By दिव्यांशी भदौरिया | Oct 16, 2026
बदलते मौसम में तापमान में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं। मौसम में नमी के कारण बच्चे अक्सर बीमार पड़ जाते हैं। बदलते मौसम में वायरस, एलर्जी और पर्यावरण से संबंधित जुड़ी अशुद्धियों के संपर्क में आ जाते हैं। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता इस मौसम में थोड़ी कमजोर होती है, इसलिए उन्हें इन बदलावों में ढलने में काफी समय लगता है।
मौसम के बदलने से बच्चों को मुख्य रुप से 5 तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
सर्दी-जुकाम
बच्चों में सबसे ज्यादा सर्दी-जुकाम देखनो के मिलता है। इसके लक्षणों के बहती नाक, छींक आना, हल्की खांसी, गले में खराश शामिल होना। बदलते मौसम में तापमान में उतार-चढ़ाव की वजह से श्वसन नली प्रभावित होती है, जिससे सर्दी के वायरस तेजी से फैलने लगता है।
मौसमी फ्लू
वैसे यह सामान्य सर्दी-जुकाम की तुलना में थोड़ा ज्यादा होता है और किसी भी उम्र के बच्चों को प्रभावित कर सकता है। इस दौरान तेज बुखार, बदन दर्द, थकान, ठंड लगना, सूखी खांसी और सिरदर्द के मुख्य लक्षण देखने को मिलते हैं।
मौसमी एलर्जी
बदलते मौसम के दौरान बच्चों को हवा में धूल की वजह से एलर्जी हो जाती है, जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है और बच्चा दिन भर परेशान रहता है।
गले में संक्रमण
बदलते मौसम से बच्चों में ठंडे-गरम की दिक्कतें देखनो को मिलती है। जिस कारण से गले में खराश, दर्द और सूजन जैसी समस्याओं से गुजरना पड़ता है।
पाचन संबंधी समस्याएं
कई बार गलत खान-पान के कारण से पेट में संक्रमण हो जाता है। इसकी वजह से पेट में दर्द, दस्त और उल्टी की शिकायत हो सकती है।
इस तरह से रखें बच्चों का ख्याल
- मौसम में बदलाव होने के कारण फुल स्लीव्स के कपड़े पहनाएं। शाम के समय मौसम ठंडा हो, तो डबल लेयर पहना दें।
- अगर आप संक्रमण को रोकना चाहते हैं, तो हाथ जरुर धोएं, बच्चों को सिखाएं कि वे खाने से पहले, शौचालय जाने के बाद और खांसने या छींकने के बाद साबुन से हाथ जरुर धोएं।
- इस मौसम में बच्चों की नींद पूरी होना बेहद जरुरी है। प्री-स्कूल के बच्चों को रोजाना 10-13 घंटे, स्कूली बच्चों को 9-12 घंटे और किशोंरों को 8-10 घंटे की नींद लेना काफी जरुरी है।
- बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत बने रहने के लिए ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट्स दें। ऐसा करने से इम्युनिटी बूस्ट होती है।
- समय पर टीके लगवाने से बच्चों को गंभीर संक्रमणों और मौसमी फ्लू से सुरक्षा मिलेगी।
- इसके अलावा, आउटडोर खेल, साइकिल चलाना और सैर जैसी गतिविधियां काफी जरुरी है। इससे शरीर एक्टिव रहता है और सामान्य कार्यप्रणाली के लिए बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाते रहे हैं।