By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 01, 2026
भुवनेश्वर/फूलबनी, एक नवंबर ओडिशा के दक्षिणी हिस्से में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ की वजह से भारी बारिश और भूस्खलन के बाद मलबे से रविवार को एक और शव बरामद किया गया और इसी के साथ राज्य में तूफान की वजह से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। इस बीच, रविवार को भी तूफान के बाद से लापता 11 लोगों की तलाश के लिए अभियान जारी रहा। गंजाम और कंधमाल जिलों की सीमा पर पहाड़ी पर बसा गिदिपाबली गांव में करीब 26 लोग रहते थे और भूस्खलन की वजह से यह गांव अब नक्शे से गायब हो गया है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ, अग्निशमन सेवा, विशेष अभियान समूह (एसओजी), रेलवे और भारतीय नौसेना के 177 जवान गिदिपाबली गांव में लापता लोगों की मलबे में तलाश कर रहे हैं। विशेष राहत आयुक्त राजेश पी. पाटिल ने शनिवार को बताया था कि 26 ग्रामीणों में से 14 का पता चल गया है। उन्होंने रविवार को संवाददाताओं को बताया, ‘‘आज एक शव मिला है।
मृतक के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।’’ अधिकारी ने बताया, ‘‘हम भूस्खलन प्रभावित इलाके से लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए ओडिशा अग्निशमन विभाग की ‘सिस्मिक लाइफ डिटेक्शन यूनिट’ और रेलवे के ‘चेन पुली सिस्टम’ का इस्तेमाल कर रहे हैं।’’ अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात ‘अर्नब’ से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। भूस्खलन से प्रभावित गिदिपाबली गांव से एक शव बरामद किया गया है। इससे पहले, कंधमाल में भूस्खलन के कारण एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई थी, और गजपति जिले में एक व्यक्ति पानी के तेज बहाव में बह गया था।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि राज्य सरकार लापता लोगों को बचाने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। वहीं राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि भंजनगर में हुए भूस्खलन के बारे में जानकर वे ‘चिंतित और दुखी’ हैं।