Crude Oil, कमजोर रुपया और FII की बिकवाली का तिहरा अटैक, Share Market में हाहाकार

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 12, 2026

स्थानीय शेयर बाजारों में मंगलवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट आई और बीएसई सेंसेक्स 1,456 अंक लुढ़क गया, जबकि एनएसई निफ्टी 23,500 अंक के नीचे आ गया। कच्चे तेल की ऊंची कीमत और पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर अनिश्चितता से बाजार धारणा पर प्रतिकूल असर पड़ा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की निरंतर पूंजी निकासी और रुपये के अब तक के सबसे निचले स्तर पर आने से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। चौतरफा बिकवाली के बीच, तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,456.04 अंक यानी 1.92 प्रतिशत टूटकर 74,559.24 अंक पर बंद हुआ।

उन्होंने कहा कि आईटी और रियल एस्टेट शेयरों में गिरावट व्यापक रही। आईटी शेयरों का प्रदर्शन खराब रहा क्योंकि एआई (कृत्रिम मेधा) संचालित मूल्य दबाव को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। चार कारोबारी सत्रों में, बीएसई सूचकांक 3,399.28 अंक यानी 4.36 प्रतिशत लुढ़का जबकि निफ्टी 951.4 अंक यानी 3.91 प्रतिशत नीचे आया है। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में से टेक महिंद्रा, अदाणी पोर्ट्स, एचसीएल टेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाइटन और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स प्रमुख रूप नुकसान में रहे। वहीं सिर्फ भारतीय स्टेट बैंक के शेयर में तेजी रही। मझोली कंपनियों से संबंधित बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 2.92 प्रतिशत नीचे आया जबकि छोटी कंपनियों से जुड़ा स्मॉलकैप 2.73 प्रतिशत लुढ़क गया।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.75 प्रतिशत बढ़कर 107.1 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। डॉलर के मुकाबले रुपया मंगलवार को 35 पैसे टूटकर अबतक के सबसे निचले स्तर 95.63 (अस्थायी) पर आ गया। लाइवलॉन्ग वेल्थ के शोध विश्लेषक और संस्थापक हरिप्रसाद के. ने कहा कि यह मुनाफावसूली कोई नियमित बिकवाली जैसी नहीं है। वर्तमान गिरावट बाजार में भरोसे की कमी का नतीजा लगती है। उन्होंने कहा, ‘‘निवेशक हाल के नीतिगत संदेशों और मितव्ययिता की टिप्पणियों को इस संकेत के रूप में देख रहे हैं कि नीति निर्माता आने वाले कठिन वृहद आर्थिक परिवेश के लिए तैयारी कर रहे हैं।’’

हरिप्रसाद ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार पर दबाव अब तीन बड़े कारकों से और बढ़ रहा है। ये कारक हैं... कच्चे तेल की कीमतों का 105-107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बने रहना, डॉलर के मुकाबले रुपये का नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर आना और विदेशी निवेशकों की लगातार आक्रामक रूप से पूंजी निकासी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ युद्धविराम अपनी ‘सबसे कमजोर’ स्थिति में है और ‘जीवन रक्षक प्रणाली’ पर है।

एक दिन पहले ही उन्होंने ईरान के युद्ध को समाप्त करने के प्रस्ताव को ‘पूरी तरह अस्वीकार्य’ बताकर खारिज कर दिया था। ईरान के साथ युद्धविराम पर एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने अपने ओवल दफ्तर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह अपनी सबसे कमजोर स्थिति में है...। उनके द्वारा भेजे गए उस बकवास जवाब को पढ़ने के बाद... मैं यह कह सकता हूं कि यह जीवन रक्षक प्रणाली पर है।’’

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 8,437.56 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। अन्य एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी,चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग निचले स्तर पर बंद हुए, जबकि जापान का निक्की लाभ में रहा। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजार सोमवार को सकारात्मक स्तर पर बंद हुए थे। बीएसई सेंसेक्स सोमवार को 1,312.91 अंक टूटकर 76,015.28 अंक पर बंद हुआ था, वहीं निफ्टी 360.30 अंक की गिरावट के साथ 23,815.85 अंक पर रहा था।

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