By अंकित सिंह | Mar 03, 2026
इजराइल-ईरान संघर्ष पर जम्मू और कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ईरान में किस तरह की सरकार बनेगी, यह तय करना ईरान की जनता पर निर्भर है। कोई भी अंतरराष्ट्रीय कानून बाहरी बमबारी के जरिए सत्ता परिवर्तन की अनुमति नहीं देता। सबसे पहले, ईरान के सर्वोच्च नेता और उनके परिवार की जिस बेरहमी से हत्या की गई, वह देखिए। किस कानून ने अमेरिका या इजराइल को ऐसा करने की इजाजत दी?... सबसे पहले, मैं ईरान की जनता के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं और उस हमले की निंदा करता हूं। लेकिन साथ ही, मैं जम्मू और कश्मीर के लोगों से अपील करता हूं कि वे स्थिति को बिगड़ने न दें। कुछ लोग माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि धार्मिक नेताओं से अनुरोध है कि वे अपना दुख व्यक्त करें, लेकिन कानून को अपने हाथ में न लें... हम विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं। ईरान में मौजूद हमारे छात्रों और अन्य लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। कुछ छात्रों को बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। मैं उनसे दूतावास द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करने का आग्रह करूंगा। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को यहां शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक में केंद्र शासित प्रदेश के सुरक्षा हालात की समीक्षा की।
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि उपराज्यपाल ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में मौजूदा सुरक्षा हालात पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के खिलाफ कश्मीर और जम्मू के कुछ हिस्सों में व्यापक प्रदर्शनों के मद्देनजर यह बैठक बुलाई गई। यहां लोक भवन में हुई बैठक में उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात, लेफ्टिनेंट जनरल प्रशांत श्रीवास्तव और मेजर जनरल बलबीर सिंह शामिल हुए।