By एकता | Oct 18, 2026
हरियाणा में दिल्ली से श्रीनगर जा रही यात्री बस पर कथित पथराव की घटना को लेकर जम्मू-कश्मीर में नाराजगी जताई गई है। घटना में एक बुजुर्ग कश्मीरी यात्री के घायल होने की खबर है। बस में करीब 40 यात्री सवार थे। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत कई राजनीतिक दलों के नेताओं, धार्मिक हस्तियों और परिवहन संगठनों ने घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने आरोपितों की पहचान, निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
आरोप है कि पहले चालक के साथ गाली-गलौज की गई और इसके बाद बस पर पत्थर और ईंटें फेंकी गईं। इससे बस की खिड़कियों के शीशे टूट गए। घटना में एक बुजुर्ग कश्मीरी यात्री घायल हो गया।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पुलिस से आरोपितों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की।
मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा हरियाणा सरकार के सामने उठाया गया है। हरियाणा प्रशासन ने कानून के तहत जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया है। जम्मू-कश्मीर सरकार प्रभावित यात्रियों के संपर्क में है और पूरे मामले पर नजर रख रही है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता इमरान नबी डार ने घटना को कथित तौर पर नफरत से प्रेरित हमला बताया। उन्होंने हरियाणा पुलिस से तुरंत मामले का संज्ञान लेने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
पीडीपी नेता वहीद परा ने कहा कि दिल्ली-श्रीनगर स्लीपर बस को उस समय ईंटों से निशाना बनाया गया, जब यात्री सो रहे थे। उन्होंने बुजुर्ग यात्री के घायल होने पर चिंता जताई। परा ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ रिपोर्टों में हमलावरों के बजाय यात्रियों को पुलिस की ओर से निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। उन्होंने आरोपितों की गिरफ्तारी और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने भी घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि आम लोगों को ले जा रही बस को निशाना बनाना और एक बुजुर्ग यात्री को घायल करना गंभीर मामला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन घटना की निष्पक्ष जांच करेगा और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के राज्यसभा सदस्य चौधरी रमजान ने भी पथराव को अस्वीकार्य बताया और हरियाणा पुलिस से तुरंत कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को उसके मूल स्थान या पहचान के आधार पर निशाना बनाना या डराना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।