By अभिनय आकाश | Sep 20, 2021
क्या हो अगर मैं आपसे कहूं कि पंजाब में अमरिंदर और सिद्धू का विवाद असल नहीं बल्कि जबरदस्ती खड़ा किया विवाद हो तो। अगर मैं आपको बताऊं कि कैप्टन की सीएम पद से विदाई में सिद्धू की बजाय सबसे बड़ा रोल किसी और शख्स का है तो आप चौकेंगे क्या? आप चौंकेंगे कि अगर मैं आपसे कहूं कि सिद्धू तो कैप्टन को किनारे लगाए जाने के प्लान के बतौर एक मोहरा थे, तो आप सोच में पड़ जाएंगे। ये खबरें तो मीडिया में कहीं नहीं है। सभी जगह बस कैप्टन-सिद्धू की कलह और इसे पाटने में आलाकमान की तरफ से एक सोशल इंजीनियरिंग वाला फॉर्मूला सेट कर दिया गया। लेकिन कितनी बार जो दिखाई नहीं देते है पर सामने जरूर होता है, हरेक कहानी के अलग-अलग पहलू जरूर होते हैं। अब हम आपको इस कहानी के पहले और सबसे अहम किरदार से रूबरू करवाते हैं।
पंजाब विधानसभा चुनाव-2022 से करीब छह माह पहले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रमुख सलाहकार प्रशांत किशोर ने अपना पद छोड़ने की इच्छा जता दी। उन्होंने कैप्टन को लिखा- सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका से अस्थायी अवकाश लेने के अपने फैसले के मद्देनजर आपके प्रधान सलाहकार के रूप में जिम्मेदारियां संभालने में सक्षम नहीं हूं। आपसे अनुरोध करता हूं कि मुझे इस जिम्मेदारी से मुक्त किया जाए। अब इस पूरी कहानी के दूसरे और अहम भाग से आपको अवगत कराते हैं।
प्रशांत किशोर का सर्वे और नए सीएम की पटकथा
अभी तक राजनीतिक गलियारे में अमरिंदर सिंह को हटाए जाने के पीछे बड़ी भूमिका उनका नवजोत सिंह सिद्धू से विवाद और उनके अड़ियल रवैये को माना जा रहा है। लेकिन कई बार जो हम सामने होता देखते हैं उससे बिल्कुल अलग ही चीजें होती है। दरअसल, राहुल-प्रियंका से प्रशांत किशोर की मुलाकात यूं ही नहीं हो रही थी। पंजाब के सियासी माहौल को भांपने के इरादे से पीके की टीम की तरफ से कुछ समय के अंतराल पर अलग-अलग सर्वे रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को दी गई। इधर, सिद्धू को प्रदेश प्रधान का पद दिलाने में प्रशांत ने अहम भूमिका निभाई थी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पार्टी सूत्रों का कहना है कि सिद्धू के नाम पर पार्टी आलाकमान को मनाने का काम प्रशांत किशोर ने ही किया था। वहीं कांग्रेस की उठापटक के पार्ट टू के दौरान सिद्धू की प्रदेश अध्यक्ष पद पर ताजपोशी के बाद भी इसी तरह के एक सर्वे को किया गया।
क्या आया सर्वे रिपोर्ट में
प्रशांत किशोर की टीम के द्वारा किए गए सर्वे रिपोर्ट में कैप्टन अमररिंदर सिंह के प्रति जमीनी स्तर पर नाराजगी की बातें सामने आई। वहीं सिद्धू के अध्यक्ष बनने के बाद कराए सर्वे में भी कुछ ऐसा ही आंकलन किया गया। जिसके बाद ये रिपोर्ट कांग्रेस आलाकमान को सौंपी गई। इसके अलावा सर्वे का यह आकलन भी था कि अमरिंदर को हटाकर किसी नए व्यक्ति को मुख्यमंत्री बना कांग्रेस अगले चुनाव में इस नाराजगी को थाम सकती है। माना जा रहा है कि इन रिपोर्ट के बाद ही राहुल-प्रियंका के साथ प्रशांत किशोर ने चर्चा कर कैप्टन की विदाई की स्क्रिप्ट तैयार की और इसके लिए मुख्य किरदार नवजोत सिंह सिद्धू को चुना गया।