By अनन्या मिश्रा | Jun 25, 2026
साल की सबसे बड़ी एकादशी निर्जला एकादशी है। 25 जून 2026 को निर्जला एकादशी का व्रत किया जा रहा है। धार्मिक मान्यता है कि निर्जला एकादशी का व्रत करने से साल की सभी 24 एकादशियों के समान पुण्य प्राप्त होता है। इस बार निर्जला एकादशी पर लक्ष्मी नारायण राजयोग बन रहा है। जब बुध और शुक्र एक ही राशि या भाव में होते हैं, तो लक्ष्मी नारायण राजयोग बनता है। निर्जला एकादशी पर बुध-शुक्र कर्क राशि में एक साथ बैठकर यह राजयोग बनाएंगे। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि किन राशियों के लिए यह दुर्लभ संयोग फायदेमंद है।
निर्जला एकादशी पर लक्ष्मी नारायण राजयोग कर्क राशि में बन रहा है। यह योग इस राशि के जातकों के लिए आर्थिक मजबूती और उन्नति का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में की गई मेहनत का उचित परिणाम मिलेगा। आय में बढ़ोत्तरी होगी और करियर में भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा और सम्मान में वृद्धि होगी। किसी उपलब्धि से आपका मन प्रसन्न रहेगा।
यह राजयोग तुला राशि के लोगों के लिए उन्नति के द्वार खोल सकता है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियां दूर होंगी। नौकरी और व्यापार में किए गए प्रयास अच्छे परिणाम देंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ पारिवारिक रिश्तों में पॉजिटिविटी आएगी। मानसिक दबाव कम होगा, जिससे आपका मन शांत रहेगा।
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक शुक्र और बुध के मिलन से बना लक्ष्मी नारायण योग सफलता और सुख-समृद्धि का प्रतीक है। यह योग जातक को धन लाभ, भौतिक सुख और सामाजिक प्रतिष्ठा दिलाने में सहायक समझा जाता है। वहीं निर्जला एकादशी पर यह योग बनना शुभ संकेत है।