लेटरल एंट्री को वापस लिए जाने पर बोले अश्विनी वैष्णव, सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्ध हैं PM Modi, चिराग ने भी की तारीफ

By अंकित सिंह | Aug 20, 2024

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संघ लोक सेवा आयोग में लेटरल एंट्री में आरक्षण सिद्धांतों को लागू करके बीआर अंबेडकर द्वारा तैयार संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार सामाजिक न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की है, जिसके परिणामस्वरूप राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) को संवैधानिक दर्जा दिया गया है।

उन्होंने कहा कि 2014 से पहले कांग्रेस सरकार के फैसलों में आरक्षण के सिद्धांतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया था। वित्त सचिवों को लेटरल एंट्री के माध्यम से नियुक्त किया गया था और आरक्षण के सिद्धांत को ध्यान में नहीं रखा गया था। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया लेटरल एंट्री रूट के माध्यम से सेवा में आए थे। केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी यूपीएससी के माध्यम से पार्श्व प्रवेश को पारदर्शिता लाने के साधन के रूप में देखते थे और आरक्षण के सिद्धांत को शामिल करके, यह अब स्पष्ट रूप से सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि लेटरल एंट्री का मामला संज्ञान में आने के बाद से ही मैं विभिन्न विभागों से चर्चा कर रहा हूं। मैंने प्रधानमंत्री जी के सामने भी अपनी बात रखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारें और गठबंधन में बनी विपक्षी सरकारों ने लैटरल एंट्री की है...विपक्ष यह माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है कि यह पहली बार हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज लेटरल एंट्री भर्ती का विज्ञापन रद्द कर दिया गया है। मैं और लोजपा (रामविलास) इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी जी का आभार व्यक्त करते हैं...उन्होंने फिर से समाज का विश्वास जीता है।

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