एक देश आतंकवाद का जिक्र नहीं चाहता था... जयशंकर ने राजनाथ के SCO में उठाए कदम का किया समर्थन

By अंकित सिंह | Jun 27, 2025

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने से इनकार करने का समर्थन किया। इस कदम के पीछे के तर्क को स्पष्ट करते हुए जयशंकर ने कहा कि एससीओ का एक सदस्य देश संयुक्त बयान में आतंकवाद का कोई उल्लेख नहीं करना चाहता था, जबकि संगठन का गठन आतंकवाद से लड़ने के उद्देश्य से किया गया था।

भारत के अलावा, एससीओ के सदस्य देश कजाकिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस हैं। भारत 2017 में एससीओ का सदस्य बना और 2023 में रोटेशनल चेयरमैन का पद ग्रहण किया। जयशंकर ने कहा, "एससीओ सर्वसम्मति से चलता है। इसलिए राजनाथ जी ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर बयान में आतंकवाद का उल्लेख नहीं है, तो हम इस पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे।"

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चीन के क़िंगदाओ की यात्रा पर गए राजनाथ सिंह ने गुरुवार को संयुक्त वक्तव्य पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था, क्योंकि उन्होंने आतंकवाद संबंधी चिंताओं, विशेष रूप से 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकवादी हमले, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे, के समाधान में विफलता का हवाला दिया था। संयुक्त वक्तव्य में पहलगाम हमले का उल्लेख तो नहीं किया गया, लेकिन इसमें 11 मार्च को बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी द्वारा पाकिस्तान में जाफर एक्सप्रेस अपहरण का उल्लेख किया गया।राजनाथ सिंह के इस कदम से एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में संयुक्त विज्ञप्ति जारी नहीं हो सकी। 

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