By अंकित सिंह | Sep 01, 2023
सरकार की ओर से संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। इसके बाद 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' को चर्चा तेज हो गई है। इस विचार की संभावना तलाशने के लिए पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द के नेतृत्व में एक समिति भी बनाई गई है। वहीं, 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' को लेकर विपक्ष सरकार पर निशाना साध रहा है। हालांकि, भाजपा की ओर से पलटवार किया जा रहा है। एक राष्ट्र, एक चुनाव पर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि अभी तो समिति बनी है, इतना घबराने की बात क्या है? समिति की रिपोर्ट आएगी, फिर पब्लिक डोमेन में चर्चा होगी। संसद में चर्चा होगी। उन्होंने सवाल किया कि घबराने की बात क्या है?...बस समिति बनाई गई है, इसका अर्थ यह नहीं है कि यह कल से ही हो जाएगा।
देवेंद्र फड़णवीस ने कहा, "वन नेशन, वन इलेक्शन बहुत ही सही प्रस्ताव है। देश में लगातार चुनाव होते हैं, आधा श्रम चुनाव में जाता है। कहीं-कहीं चुनाव की आचार संहिता लगती है तो उसके कारण भी काम में देरी हो जाती है। संसाधन खर्च होते हैं...वन नेशन, वन इलेक्शन से 5 साल की खुली स्लेट होगी, पैसा भी बर्बाद नहीं होगा और काम भी सुचारू रूप से होगा।" असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "आज पीएम नरेंद्र मोदी ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के मुद्दे पर एक आयोग नियुक्त करके एक बहुत ही ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुझे बहुत खुशी है कि राम नाथ कोविन्द जैसे कद के व्यक्ति ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। एकाधिक चुनावों में बहुत सारा पैसा खर्च होता है और क्योंकि हर बार भारत चुनाव मोड में होता है, इसलिए विकास को बहुत नुकसान होता है।"