By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 08, 2020
नयी दिल्ली। राज्य सरकारें अभी तक सिर्फ 20.36 लाख प्रवासी श्रमिकों को ही मुफ्त खाद्यान्न की आपूर्ति कर पायी हैं। हालांकि, केंद्र सरकार या राज्य सरकारों ने राशन कार्ड नहीं रखने वाले आठ करोड़ प्रवासी श्रमिकों को मुफ्त अनाज पहुंचाने का लक्ष्य तय किया था। केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के द्वारा रविवार को जारी आंकड़ों में इसका पता चला। केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर कोई भी प्रवासी श्रमिक के भूखा नहीं रहे इसे सुनिश्चित करने के लिये 14 मई को मुफ्त अनाज योजना की घोषणा की थी। इसके तहत बिना राशन कार्ड वाले प्रवासी मजदूरों को भी प्रति व्यक्ति 5 किलोग्राम मुफ्त खाद्यान्न और प्रति परिवार एक किलोग्राम चना मुहैया कराने की घोषणा की गयी थी। यह घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक राहत पैकेज का हिस्सा थी।
लगभग 28,306 टन चना / चना दाल राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को भेज दी गयी है। इसमें से 15,413 टन का उठाव हुआ है। बयान में कहा गया कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा 631 टन चने का वितरण किया गया है। इसी तरह, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत, राज्यों ने अप्रैल में मुफ्त अनाज के वितरण में 92.45 प्रतिशत कवरेज हासिल किया है, मई में 87.33 प्रतिशत, जबकि जून में अब तक 17.47 प्रतिशत। राज्यों ने अभी तक 105.10 लाख टन अनाज उठाया है। इनमें से अप्रैल में 36.98 लाख टन, मई में 34.93 लाख टन और जून में अब तक 6.99 लाख टन का उठाव शामिल है।