By दिव्यांशी भदौरिया | Aug 29, 2026
एआई आने से तकनीकी दुनिया में काफी बदलाव देखने को मिल रहा है। हालांकि, अब इसके गलत इस्तेमाल करके साइबर सुरक्षा एक्सपर्ट्स और टेक कंपनियों की चिंता बढ़ती नजर आ रही है। ओपनएआई की तरफ से जारी एक्शन ऑन साइबर डिफेंस ओपन लेटर के जरिए दुनिया की 100 से ज्यादा बड़ी टेक कंपनियां एक साथ आई हैं।
ओपनएआई के साथ कौन-सी कंपनियां शामिल हुई हैं?
आपको बताते चलें कि साइबर हमले से लड़ने के लिए ओपनएआई के साथ एन्थ्रोपिक, अमेजन वेब सर्विसेज (एडब्ल्यूएस), गूगल और माइक्रोसॉफ्ट आदि मुख्य कंपनियां शामिल हुई है। वैसे इन कंपनियों का फोकस एआई के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर सुरक्षा को मजबूत करने पर है।
गंभीर कमजोरियों को जल्द दूर करने पर जोर
- इसके साथ ही ओपनएआई लेटर में संगठनों से अपनी सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद गंभीर कमजोरियों को जल्द से जल्द दूर करने को कहा गया है। इसके अलावा पहुंच नियंत्रण यानी एक्सेस कंट्रोल को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।
- इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संवेदनशील सिस्टम और डेटा तक सिर्फ अधिकृत लोगों या सिस्टम की ही पहुंच हो।
सरकारों और टेक कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी
- ओपन एआई और अन्य कंपनियों ने साइबर सुरक्षा के लिए केवल निजी कंपनियों की कोशिशों को पूरा नहीं माना है। इसके लिए सरकारों, टेक कंपनियों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के बीच बेहतरीन तालमेल की जरुरत बताई है।
- दरअसल, यह सहयोग स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होना चाहिए, जिससे एआई आधारित साइबर खतरों से निपटा जा सके।
क्यों जरूरी है यह पहल?
दरअसल, एआई की क्षमताएं बढ़ रही हैं। ऐसे में इसके गलत उपयोग करके साइबर हमलों के तरीके भी ज्यादा जटिल हो सकते हैं। यही वजह है कि ओपनएआई के जरिए 100 से अधिक टेक कंपनियों का एक साथ आने से इस खतरे की गंभीरता को दिखाती है।
अब कंपनियों के सामने चुनौती सिर्फ एआई को तेजी से विकसित करने की नहीं, बल्कि एआई के दौर में साइबर सुरक्षा को भी उतनी ही तेजी से मजबूत करने की है।