By अनन्या मिश्रा | May 10, 2026
आज यानी की 10 मई को पूर्व सेना प्रमुख और राजनेता जनरल वी.के. सिंह अपना 74वां जन्मदिन मना रहे हैं। आर्मी अफसर से केंद्रीय मंत्री तक का सफर तय करने वाले जनरल वीके सिंह बहुमुखी प्रतिभा के धनी रहे हैं। वह पहले ऐसे सैन्य प्रमुख रहे हैं, जिन्होंने कमांडो में प्रशिक्षण लिया। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर वी के सिंह के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
31 मार्च 2010 को जनरल वी के सिंह ने सेना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला था। उनकी छवि एक दृढ़, ईमानदार और स्पष्टवादी अधिकारी की रही है। वहीं वी के सिंह के साथ उम्र से जुड़े मामले समेत कई विवाद भी जुड़े हैं। वी के सिंह सेना मुख्यालय में मिलिट्री ऑपरेशंस डायरेक्टोरेट के पद पर काम कर चुके हैं। बता दें कि जब साल 2001 में भारतीय सेना को संसद पर हमले के बाद ऑपरेशन पराक्रम के तहत सीमा पर तैनात किया गया था, तो वी के सिंह ब्रिगेडियर जनर स्टाफ ऑफ ए कॉर्प्स के रूप में कार्यरत थे।
जनरल वी के सिंह ने बांग्लादेश युद्ध को बेहद करीब से देखा है और सेना अध्यक्ष के पद पर कार्यरत होने से पहले अन्य कई महत्वपूर्ण पदों पर भी सेवा दी है। इनको काउंटर इमरजेंसी ऑपरेशन और ऊंचाई पर दुश्मनों को धूल चटाने की विद्या में महारत हासिल है।
जनरल वी के सिंह को पीवीएसएम, वाईएसएम, एवीएसएम और एडीसी जैसे सम्मान प्राप्त हैं। वह पहले ऐसे ट्रेंड कमांडो हैं, जिनको देश का आर्मी चीफ बनने का गौरव प्राप्त है। इसके अलावा वह सरकार को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने वाले पहले जनरल भी हैं।
वहीं 31 मई 2012 को वी के सिंह सेना प्रमुख के पद से रिटायर हो गए। सेना प्रमुख के रूप में वी के सिंह का कार्यकाल 26 महीनों तक रहा है। वहीं रिटायरमेंट के बाद वी के सिंह ने अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को अपना समर्थन दिया था।