By नीरज कुमार दुबे | Jun 24, 2026
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के मंजाकोट सेक्टर के दोरीमल गंभीर मुगलान इलाके में चल रहा आतंक विरोधी अभियान "ऑपरेशन शेरुवाली" आज अपने तैंतीसवें दिन में प्रवेश कर गया। सुरक्षा बल लगातार घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान चला रहे हैं। इस लंबे अभियान का मुख्य उद्देश्य इलाके में छिपे हथियारबंद घुसपैठियों का पता लगाना और उन्हें निष्क्रिय करना है।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बल क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। अभियान के तहत अतिरिक्त जांच चौकियां स्थापित की गई हैं तथा क्षेत्र में दबदबा कायम रखने के लिए लगातार गश्त भी की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इलाके के हर हिस्से पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
दोरीमल वन क्षेत्र में तलाशी अभियान के साथ सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत कर दी गई है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सीमावर्ती राजौरी जिले में स्थायी शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण है। लंबे समय से जारी इस कार्रवाई से सुरक्षा बलों के दृढ़ संकल्प का भी पता चलता है।
हम आपको यह भी याद दिला दें कि सोलह जून को नियंत्रण रेखा के पास नौशेरा सेक्टर के अग्रिम कलाल इलाके में गश्त के दौरान एक आकस्मिक बारूदी सुरंग विस्फोट की घटना भी सामने आई थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारियों के अनुसार सुबह करीब ग्यारह बजे चार कुमाऊं की टुकड़ी नियमित गश्त पर थी, तभी अचानक बारूदी सुरंग में विस्फोट हो गया। इस हादसे में एक जूनियर कमीशंड अधिकारी सहित सेना के तीन जवान घायल हो गए थे। घायल सैनिकों को तुरंत घटनास्थल से बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद उन्हें विशेष चिकित्सा सुविधा के लिए उधमपुर स्थित सेना के कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि सभी घायल जवानों का इलाज जारी है।
देखा जाये तो राजौरी और नौशेरा के सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार जारी सुरक्षा कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि सुरक्षा बल आतंकवाद और घुसपैठ की किसी भी कोशिश को विफल करने के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहे हैं। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए तलाशी, निगरानी और गश्त का अभियान लगातार जारी रहेगा।
अमरनाथ यात्रा सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा
उधर, जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात ने आतंकवाद-रोधी उपायों और आगामी अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की है। पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘‘डीजीपी ने आगामी श्री अमरनाथजी यात्रा 2026 के लिए आतंकवाद-रोधी उपायों तथा सुरक्षा प्रबंधों का आकलन करने हेतु एक व्यापक सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि बैठक में दक्षिण कश्मीर में तैनात विभिन्न सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस तथा विक्टर फोर्स के अधिकारी शामिल थे। संबंधित जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) ने मौजूदा सुरक्षा स्थिति, आतंकवाद-रोधी अभियानों और यात्रा के लिए तैयार की जा रही बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत प्रस्तुतियां दीं। डीजीपी ने सभी सुरक्षा इकाइयों की परिचालन तैयारियों की समीक्षा की और वार्षिक तीर्थयात्रा के सुरक्षित एवं सुचारु संचालन के लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। पूरे जम्मू-कश्मीर में इस समय सुरक्षा को लेकर मॉक ड्रिल भी चल रही हैं।
हम आपको बता दें कि 57 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू होगी। यह यात्रा दो मार्गों से संचालित की जाएगी, पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग तथा अपेक्षाकृत छोटा लेकिन अधिक दुर्गम 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग। यात्रा का समापन 28 अगस्त को रक्षा बंधन के अवसर पर होगा।