By एकता | May 07, 2026
भारत द्वारा पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को खत्म करने के लिए शुरू किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' को आज एक साल पूरा हो गया है। इस समय सोशल मीडिया और रक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच इस ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई की काफी चर्चा हो रही है। आइए विस्तार से जानते हैं पिछले साल अप्रैल और मई के उन दिनों की पूरी कहानी, जब भारत ने दुश्मन के घर में घुसकर उसे करारा जवाब दिया था।
23 अप्रैल 2025: हमले के वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब के दौरे पर थे, जिसे बीच में ही छोड़कर वे तुरंत स्वदेश लौट आए। दिल्ली आते ही उन्होंने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक ली। भारत ने कड़ा फैसला लेते हुए सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही अटारी सीमा बंद की गई और पाकिस्तानियों के सार्क वीजा रद्द कर दिए गए। इसी दिन गृह मंत्री अमित शाह ने श्रीनगर में उच्च स्तरीय बैठक की और एनआईए ने जांच शुरू की।
24 अप्रैल 2025: जवाब में पाकिस्तान ने भी शिमला समझौते को निलंबित कर भारतीय उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया। इधर भारत में सरकार ने विपक्ष के साथ सर्वदलीय बैठक की। इसी रात एलओसी पर गोलीबारी शुरू हो गई और उधमपुर में एक भारतीय जवान शहीद हो गया।
25 अप्रैल - 6 मई 2025: इन दिनों सीमा पर तनाव चरम पर रहा। पाकिस्तान की ओर से लगातार सीजफायर का उल्लंघन किया गया, जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कश्मीर का दौरा कर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। इस बीच आतंकियों के संगठन TRF ने अपने पहले के दावे से पलटते हुए हमले में हाथ होने से इनकार कर दिया।
7 मई 2025: तड़के सुबह भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' का आगाज किया। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके में स्थित 9 आतंकी शिविरों पर सटीक निशाना साधा, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। पीएम मोदी ने साफ संदेश दिया कि अब परमाणु धमकियों का दौर खत्म हो गया है और आतंकियों के साथ उनके आकाओं को भी इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।
9 मई 2025: अपनी हार से बौखलाए पाकिस्तान ने मिसाइलों और करीब 400 ड्रोनों से भारतीय शहरों पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारत की डिफेंस प्रणाली ने उन्हें हवा में ही नाकाम कर दिया। जवाबी कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस और कुल 13 सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया, जिससे पाकिस्तानी वायुसेना की कमर टूट गई।
10 मई 2025: भारत के हमलों से पस्त होकर पाकिस्तान ने अमेरिका से मदद की गुहार लगाई। दोपहर 3:30 बजे पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारतीय समकक्ष को फोन कर हमले रोकने की विनती की। शाम 5 बजे से सभी सैन्य कार्रवाइयां रोक दी गईं।
भारत की यह कार्रवाई सिर्फ ऑपरेशन सिंदूर तक ही सीमित नहीं थी। पहलगाम हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं को खत्म करने के लिए 'ऑपरेशन महादेव' भी चलाया गया। इस अभियान के जरिए सुरक्षाबलों ने कई महीनों तक फरार रहने वाले उन हत्यारों को ढूंढ-ढूंढ कर मार गिराया, जिन्होंने निर्दोषों का खून बहाया था।