Indian Air Force की बढ़ेगी ऑपरेशनल ताकत, Tejas के F404 Engine अब देश में ही होंगे रिपेयर

By Ankit Jaiswal | Apr 13, 2026

देश की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है, जहां भारतीय वायु सेना और जीई एयरोस्पेस के बीच एक नया समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत भारत में ही लड़ाकू विमानों के इंजन की मरम्मत और देखरेख के लिए एक घरेलू सुविधा विकसित की जाएगी।

गौरतलब है कि अभी तक इंजन की बड़ी मरम्मत और ओवरहॉल के लिए उपकरणों को विदेश भेजना पड़ता है, जिससे समय ज्यादा लगता है और संचालन पर असर पड़ता है। नई व्यवस्था के जरिए इस प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने की कोशिश की जा रही है।

बता दें कि इस डिपो का पूरा अधिकार और संचालन पूरी तरह भारतीय वायु सेना के पास रहेगा, जबकि जीई एयरोस्पेस तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण, जरूरी उपकरण और स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध कराएगा। इससे देश के भीतर ही तकनीकी क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी।

मौजूद जानकारी के अनुसार, यह कदम भारत के आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि रखरखाव की लागत में भी कमी आ सकती है।

गौरतलब है कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और जीई एयरोस्पेस के बीच लंबे समय से साझेदारी रही है। इसी के तहत तेजस विमान के लिए बड़ी संख्या में इंजन का ऑर्डर दिया गया है। पहले चरण में 83 विमानों के लिए 99 इंजन मंगाए गए थे, जबकि बाद में अतिरिक्त विमानों के लिए और इंजन खरीदने का समझौता किया गया है।

बता दें कि तेजस के एडवांस संस्करण का उत्पादन भी जारी है, जिसमें बेहतर रेंज, ज्यादा भार क्षमता और आधुनिक तकनीक शामिल की गई है। हालांकि इंजन आपूर्ति में देरी के कारण कार्यक्रम की गति पर असर पड़ा है, लेकिन नई पहल से इन चुनौतियों को दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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