By अंकित सिंह | Aug 11, 2025
लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों के विपक्षी दलों के सांसदों ने सोमवार को संसद भवन स्थित मकर द्वार से दिल्ली के निर्वाचन सदन स्थित चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च निकाला। यह मार्च सुबह 11:30 बजे शुरू हुआ और ट्रांसपोर्ट भवन होते हुए आगे बढ़ा। इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने बताया कि इंडिया ब्लॉक द्वारा आयोजित इस मार्च के लिए अभी तक कोई अनुमति नहीं ली गई है। दिल्ली पुलिस ने चुनावी राज्य बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान "मतदाता धोखाधड़ी" के आरोपों के विरोध में संसद से भारत के चुनाव आयोग तक मार्च कर रहे इंडिया ब्लॉक के नेताओं को रोक दिया।
आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि अगर आप जगह का बहाना बनाकर सांसदों से नहीं मिल सकते, तो ये अपने आप में एक टिप्पणी है कि आप किस तरह का काम कर रहे हैं... ये धोखाधड़ी है; आप वर्गीकृत डेटा उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद आपकी (चुनाव आयोग की) ज़िद नहीं जा रही है। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि हमारे लोकतंत्र पर सवाल उठ रहे हैं। उत्तर प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए, न सिर्फ़ वोटों की चोरी हुई, बल्कि बूथ कैप्चरिंग भी हुई। चुनाव आयोग ने उन अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जो राज्य सरकार के आदेश पर काम कर रहे थे। वहीं, भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि विपक्ष ने तमाशा किया और सदन नहीं चलने दिया। अब ये लोग तमाशा मार्च निकालने जा रहे हैं। इस तमाशा मार्च से उन्हें जनता से सिर्फ़ निराशा ही हाथ लगेगी।