Oracle ने AI और Cloud Services में भारी निवेश के बीच शुरू की नई छंटनी

By Ankit Jaiswal | Sep 15, 2026

ओरेकल के कुछ कर्मचारियों के लिए काम का दिन एक ऐसे ईमेल के साथ शुरू हुआ, जिसकी उन्होंने शायद उम्मीद नहीं की थी। संदेश में बताया गया कि संगठन में व्यापक बदलाव के तहत उनकी भूमिका खत्म की जा रही है और उसी दिन उनका आखिरी कार्यदिवस है। कर्मचारियों को यह भी बताया गया कि जल्द ही उनके कंप्यूटर, ईमेल, संदेश और कंपनी की फाइलों तक पहुंच बंद कर दी जाएगी।

गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय में आया है जब ओरेकल एआई  और बादल आधारित सेवाओं के लिए जरूरी आंकड़ा केंद्रों तथा कंप्यूटिंग ढांचे पर भारी रकम खर्च कर रही है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का पूंजीगत खर्च 28.5 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले की समान अवधि के 8.5 अरब डॉलर से तीन गुना से भी ज्यादा है। कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष के लिए 90 से 95 अरब डॉलर के पूंजीगत खर्च का अनुमान बरकरार रखा है।

कंपनी के अनुसार, एआई  आधारित बादल सेवाओं की मांग भी मजबूत बनी हुई है। तिमाही के दौरान ओरेकल ने 30 अरब डॉलर से ज्यादा के नए अनुबंध किए। हालांकि, इस तेजी के साथ खर्च भी तेजी से बढ़ा है। तिमाही में कंपनी का मुक्त नकदी प्रवाह 5.4 अरब डॉलर नकारात्मक रहा। ऐसे में ओरेकल के सामने एक तरफ एआई  की बढ़ती मांग का फायदा उठाने के लिए निवेश बढ़ाने और दूसरी तरफ लागत पर नियंत्रण रखने की चुनौती है।

बता दें कि ओरेकल पहले ही वित्त वर्ष 2026 के दौरान करीब 21 हजार कर्मचारियों की संख्या कम कर चुकी है। यह उसके कुल कार्यबल का लगभग 13 प्रतिशत था। मई के अंत तक कंपनी में करीब एक लाख 41 हजार कर्मचारी रह गए थे, जबकि एक साल पहले यह संख्या करीब एक लाख 62 हजार थी। पुनर्गठन से जुड़े भुगतान और दूसरे खर्चों पर कंपनी ने करीब 1.84 अरब डॉलर खर्च किए। ओरेकल ने माना है कि एआई  को अपनाना और उसे कामकाज में लागू करना भी कर्मचारियों की संख्या घटाने के पीछे के कारणों में शामिल रहा है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के पुनर्गठन कार्यक्रम की अनुमानित लागत में 70 करोड़ डॉलर और जोड़ दिए हैं। इससे कुल अनुमानित खर्च करीब 2.8 अरब डॉलर हो गया है। इसलिए ताजा छंटनी को केवल अचानक की गई लागत कटौती के तौर पर देखना सही नहीं होगा, बल्कि यह कंपनी के बड़े पुनर्गठन का हिस्सा है।

ओरेकल की स्थिति तकनीकी क्षेत्र में चल रहे व्यापक बदलाव की भी तस्वीर दिखाती है। सितंबर के शुरुआती दस दिनों में ही छह हजार से ज्यादा तकनीकी नौकरियों में कटौती की खबर सामने आई। उबर, पेपाल, एप्पल, जोमैटो और ओरेकल जैसी कंपनियां भी इस दौर से जुड़ी रही हैं। लेऑफ्स डॉट एफवाईआई के आंकड़ों के मुताबिक, 10 सितंबर तक 299 कंपनियों में दुनिया भर के एक लाख 28 हजार 536 तकनीकी कर्मचारियों की नौकरियां जा चुकी थीं, जो पूरे 2025 के एक लाख 22 हजार 606 के आंकड़े से ज्यादा है।

हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि हर नौकरी में कटौती के लिए एआई  को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, दिल्ली-एनसीआर परिसर के सहायक प्रोफेसर डॉ. अभिनव पी. त्रिपाठी के अनुसार, इस दौर में करीब एक चौथाई से एक तिहाई नौकरियों का नुकसान वास्तविक कामकाजी बदलाव और स्वचालन से जुड़ा हो सकता है, जबकि बाकी हिस्सा लागत और कर्मचारियों के पुनर्गठन से संबंधित है।

स्टैनफोर्ड डिजिटल इकोनॉमी लैब के अध्ययन में भी एआई  से ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में 22 से 25 वर्ष के कर्मचारियों की रोजगार स्थिति कमजोर होने की बात सामने आई है। वहीं, गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि व्यापक एआई  अपनाने की स्थिति में अमेरिका की छह से सात प्रतिशत नौकरियां जोखिम में आ सकती हैं।

इसके बावजूद तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं है। गार्टनर का अनुमान है कि 2027 तक वे संस्थान आगे निकल सकते हैं जो एआई  से मिलने वाली बचत को सिर्फ तत्काल खर्च घटाने के बजाय नए काम, तकनीकी सुधार और कर्मचारियों के प्रशिक्षण में लगाते हैं। ऐसे में आने वाले समय में असली चुनौती केवल नौकरियां बचाना नहीं, बल्कि एआई  के साथ काम करने वाले नए रोजगार ढांचे तैयार करना भी हैं।

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