By रितिका कमठान | Feb 01, 2025
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2025 पेश करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। देश के पिछले 10 वर्षों के विकास ट्रैक रिकॉर्ड और संरचनात्मक सुधारों ने वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है।
इस बजट में दस प्रमुख क्षेत्रों में विकास उपायों का प्रस्ताव है, जिसमें गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के कल्याण पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इन पहलों का उद्देश्य कृषि विकास और उत्पादकता को बढ़ावा देना, ग्रामीण समृद्धि और लचीलापन बनाना और सभी के लिए समावेशी विकास को बढ़ावा देना है। इसके अतिरिक्त, बजट में विनिर्माण को बढ़ावा देने और मेक इन इंडिया पहल को आगे बढ़ाने, एमएसएमई का समर्थन करने और रोजगार आधारित विकास को सक्षम करने का प्रयास किया गया है। इसमें लोगों, अर्थव्यवस्था और नवाचार में निवेश करने, ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित करने, निर्यात को बढ़ावा देने और नवाचार को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है।
विकास की यात्रा चार प्रमुख इंजनों द्वारा संचालित होती है: कृषि, एमएसएमई, निवेश और निर्यात। इस प्रगति को आगे बढ़ाने वाला ईंधन हमारे चल रहे सुधार हैं, जबकि मार्गदर्शक भावना समावेशिता है। अंत में, गंतव्य एक विकसित भारत, एक विकसित और समृद्ध भारत है, वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण के दौरान कहा।
इस वर्ष के बजट का उद्देश्य छह क्षेत्रों में परिवर्तनकारी सुधार शुरू करना था। अगले पांच वर्षों के दौरान, ये हमारी विकास क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएंगे। ये क्षेत्र हैं: कराधान, बिजली क्षेत्र, शहरी विकास, खनन, वित्तीय क्षेत्र, और विनियामक सुधार। वित्त मंत्री ने कृषि, शिक्षा और एमएसएमई समेत विभिन्न क्षेत्रों के लिए कई पहलों की घोषणा की। इस बार नई आयकर व्यवस्था को भी अपडेट किया गया है।