कर्ज़ की बहार (व्यंग्य)

By संतोष उत्सुक | Oct 06, 2023

कल रात मेरे मकान के सामने कोई पोस्टरनुमा विज्ञापन टांग गया है। जिसमें निमंत्रण दिया गया है कि उनके पास आइए और गोल्ड लोन लेकर घर बनाइए। बड़ी हैरानी की बात है इन क़र्ज़ बांटने वालों को अभी तक यह समझ नहीं आया कि कोई भी व्यक्ति, ख़ास तौर पर नव विवाहित अपने रहने के लिए मकान खरीदने के लिए क़र्ज़ लेते हैं घर खरीदने के लिए नहीं। जिस मकान में रहते हैं उसे घर तो, गृहणी ही बनाती है। मकान सभी को दिखता है घर कहां दिखता है ।  

इसे भी पढ़ें: मेंढ़कलाल की फुदकियाँ (व्यंग्य)

यह हमारा नया डिजिटल इंडिया है जिसमें सोशल मीडिया पर एंटी सोशल सामाजिक जानवरों के बीच तलवारें चल रही हैं और कर्ज़ देने वाले सिर पर सवार हैं। अब लगने लगा है बुज़ुर्गों ने गलत समझाया था कि जितनी चादर हो उतने पैर पसारो। अब हमारी चादर का नाम राजनीति, धर्म, सम्प्रदाय और जाति हो गया है। चदरिया की बात करें तो अब किसी की भी झीनी नहीं रही। कर्ज़ देने की बात अब मज़ाक सी लगने लगी है। एक और नया पोस्टर चिपका मिला जिसमें लिखा है मुद्रा लोन योजना, आधार कार्ड लोन, घर बैठे अपने मोबाइल से एक फोन करें। लोन सीधा अपने बैंक अकाउंट में 24 घंटों पाएं। मुख्य विशेषताएं पर्सनल लोन, बिजनेस लोन, मार्कशीट लोन, प्रापर्टी लोन, सरकार द्वारा रजिस्टर्ड। एक फोन ही तो करना है। कर्ज़ की सब्जियों की बहार है लेकिन अपना स्वास्थ्य बचाकर रखें।

   

बाहर निकलना मुश्किल होता जा रहा है। कहीं कोई हाथ में ही क़र्ज़ पकडाना शुरू न कर दे और फिर वसूली....। इन क़र्ज़ देने वालों को नहीं पता कि इंसान को ज़िंदा रहने के लिए सादा दाल रोटी और चावल की ज्यादा ज़रूरत है। कभी सोचता हूं सरकारें भी तो कितना क़र्ज़ लेती हैं।   

- संतोष उत्सुक

प्रमुख खबरें

इस मुस्लिम दोस्त ने भारत को दिया बड़ा धोखा, चीन के साथ बढ़ा रहा अपनी नजदीकियां

NC में बगावत? Farooq Abdullah ने Ruhullah Mehdi को दी खुली चुनौती, कहा - इस्तीफ़ा दो, नया जनादेश लो!

Russia के सबसे अजीब इलाके को बचाएगा भारत, पुतिन-जयशंकर की मुलाकात पर बड़ा खुलासा!

Milad un Nabi 2026: मस्जिदों से जुलूस तक, जानें 26 अगस्त को क्या-क्या होगा?